‘अब दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी धोना पड़ेगा हाथ’, बरेली में गरजे सीएम योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं। मंगलवार को बरेली क्लब ग्राउंड में आयोजित शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने दंगाइयों को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अब उत्तर प्रदेश में दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा।”

मुख्यमंत्री यहां बरेली/मुरादाबाद क्षेत्र से भाजपा के शिक्षक-एमएलसी प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे।

‘दंगा करने वाले अब जेल में उर्स मना रहे हैं’

सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौलाना तौकीर रजा की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा कि 2017 से पहले बरेली में पर्व और त्योहार आते ही दंगे शुरू हो जाते थे।

उन्होंने कहा, “अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। यूपी की पहचान अब उपद्रव से नहीं, बल्कि उत्सव से है। कानून-व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव से आज प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा पूरी तरह से बदल गई है।”

सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर गरीबों और शिक्षकों की जगह गैंगस्टर, दंगाई और फिरौती वसूलने वाले बुलाए जाते थे। उन्होंने कहा कि आज जब हमारी सरकार माफियाओं पर कार्रवाई करती है, तो सपा नेताओं को सबसे ज्यादा पीड़ा होती है।

‘शिक्षक कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं’

सम्मेलन में शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें राष्ट्र और युग निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट थी, लेकिन शिक्षकों ने ही शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी। उनके सम्मान और स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के लिए किए गए अहम कार्य:

  • कैशलेस चिकित्सा और बीमा: बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है।

  • सुरक्षा कवर: माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का बीमा कवर दिया गया है। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर और 2 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा मिली है।

  • पारदर्शी भर्तियां: सीएम ने बताया कि 2017 में शिक्षा विभाग में 1.60 लाख पद रिक्त थे। सरकार ने साढ़े छह वर्षों में बिना किसी भेदभाव के इन पदों पर पारदर्शी भर्तियां कीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा सरकार में चयन बोर्ड में परिवार और रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियां प्रभावित की जाती थीं।

  • एग्जाम शेड्यूल में तेजी: सीएम ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब मुख्य परीक्षाएं 14 दिन में पूरी होंगी और अगले 14 दिन में परिणाम आ जाएंगे। पहले इस प्रक्रिया में छह महीने का समय लगता था।

हर जिले में एक विश्वविद्यालय बनाने का लक्ष्य

शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से ग्रामीण स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने सरकार के विजन को साझा करते हुए कहा कि यूपी ‘एक जिला-एक विश्वविद्यालय’ की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद और मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं, जबकि भदोही और कुशीनगर को भी विश्वविद्यालय मिल चुके हैं।

‘विपक्ष को विकास नहीं दिखता’

कार्यक्रम में मौजूद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस शिक्षक चुनाव को विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षित वर्ग में भाजपा की लोकप्रियता का लिटमस टेस्ट बताया।

वहीं, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विकास कार्य दिखाई नहीं देते। उन्होंने कहा, “अगर उल्लू को दिन में नहीं दिखता, तो इसमें सूर्य का कोई दोष नहीं है।”