कनाडाई कवयित्री ऐनी कार्सन को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार, समिति ने ‘साहसिक और रचनात्मक’ कृतियों को सराहा

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कनाडाई कवयित्री और निबंधकार ऐनी कार्सन को इस साल के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 76 वर्षीय कार्सन अपनी विशिष्ट लेखन शैली के लिए विश्व भर में पहचानी जाती हैं, जो कविता, कथा-साहित्य और अकादमिक शोध के बीच के दायरों को पार करती है। नोबेल पुरस्कार किसी लेखक के पूरे जीवन के साहित्यिक योगदान (लाइफटाइम अचीवमेंट) के लिए दिया जाता है, जिसे विश्व साहित्य का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

नोबेल समिति का प्रशस्ति पत्र

नोबेल पुरस्कार समिति ने उनके नाम की घोषणा करते हुए उनकी अनूठी रचनात्मकता को रेखांकित किया। समिति के अनुसार, यह पुरस्कार “उनकी साहसिक और रचनात्मक साहित्यिक कृतियों के लिए दिया गया है, जिन्होंने शास्त्रीय परंपरा के साथ रोचक संवाद करते हुए समकालीन साहित्य के लिए नए रूपों को स्थापित किया है।”

30 वर्षों से क्लासिक्स की प्रोफेसर और अनुवादक

ऐनी कार्सन ने प्राचीन यूनानी साहित्य का गहन अध्ययन और अनुवाद किया है। वह 30 से अधिक वर्षों तक क्लासिक्स (प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य एवं संस्कृति) की प्रोफेसर रही हैं। उनके लेखन में शास्त्रीय परंपराओं का आधुनिक संदर्भों के साथ गहरा तालमेल देखने को मिलता है, जिसने समकालीन साहित्य को एक नया आयाम दिया है।

‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड’ समेत प्रमुख कृतियां

कार्सन के खाते में कई प्रभावशाली किताबें दर्ज हैं, जिन्हें समीक्षकों और पाठकों दोनों से व्यापक सराहना मिली है। उनकी प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं:

  • ‘द ग्लास एसे’ (The Glass Essay)

  • ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड: अ नोवेल इन वर्स’ (Autobiography of Red)

  • ‘नॉक्स’ (Nox)

  • ‘फ्लोट’ (Float)

  • ‘द ब्यूटी ऑफ द हसबैंड: अ फिक्शनल एसे इन 29 टैंगोज’ (The Beauty of the Husband)

12 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि

साहित्य के नोबेल पुरस्कार के तहत विजेता को 12 लाख डॉलर की नकद राशि प्रदान की जाती है। कार्सन को यह सम्मान मिलना वैश्विक साहित्य में उनके दशकों लंबे अकादमिक और रचनात्मक योगदान पर एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय मुहर है।