अमेरिका: 2 बार दिया गया जहर का इंजेक्शन फिर भी जिंदा बची महिला, मौत की सजा पाने वाली क्रिस्टा पाइक की ‘अभूतपूर्व’ रिकवरी

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अमेरिका के टेनेसी राज्य में मौत की सजा पाने वाली महिला कैदी क्रिस्टा पाइक को जानलेवा इंजेक्शन देने की कोशिश नाकाम हो गई है। पिछले हफ्ते दो बार जहर का इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद पाइक बच गईं और अब अस्पताल में उनकी हालत में सुधार हो रहा है। विशेषज्ञों और उनकी कानूनी टीम का मानना है कि जानलेवा इंजेक्शन (Lethal Injection) से इस तरह जिंदा बचने वाली वह एकमात्र व्यक्ति हैं।

अस्पताल के कमरे में चलने-फिरने लगी हैं पाइक

बीबीसी रेडियो 4 के कार्यक्रम ‘टुडे’ में बात करते हुए पाइक की कानूनी टीम के सदस्य और वकील स्टीफन फेरेल ने उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बुधवार देर रात फेरेल ने बताया कि उनकी पाइक से सीधे तौर पर बातचीत नहीं हुई है, लेकिन उन्हें सूचना मिली है कि वह पहली बार अपने अस्पताल के कमरे में थोड़ा चल-फिर रही हैं। शारीरिक रूप से सुधार होने के बावजूद पाइक मानसिक तौर पर अभी भी “धुंधलापन” महसूस कर रही हैं।

डॉक्टरों ने शरीर से बाहर निकाला घातक रसायन

पिछले बुधवार को टेनेसी में पाइक को मौत की सजा देने के लिए जानलेवा इंजेक्शन लगाने की दो कोशिशें की गई थीं, जो पूरी तरह विफल रहीं। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां वह कई दिनों तक लगातार बेहोश रहीं। इस दौरान मेडिकल टीम ने उनके शरीर में इंजेक्ट किए गए घातक रसायन को बाहर निकाला, जिसके बाद उनकी जान बचाई जा सकी। पाइक के वकीलों और विशेषज्ञों ने इस तरह की रिकवरी को अपने आप में अभूतपूर्व बताया है।

1995 में कोलीन स्लेमर हत्याकांड में मिली थी सजा

क्रिस्टा पाइक को साल 1995 में कोलीन स्लेमर की निर्मम हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई थी। पिछले कई सालों से वह टेनेसी में मृत्युदंड का इंतजार कर रही थीं। जानलेवा इंजेक्शन लगने के बाद भी किसी कैदी के जिंदा बच जाने का यह एक दुर्लभ मामला है, जिसने अमेरिका में मृत्युदंड की प्रक्रिया को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।