हंगामा करने से जवाब नहीं मिलेगा…’, चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर चिराग पासवान की नसीहत
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने विपक्ष को अहम नसीहत दी है। उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन तो किया, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि सिर्फ हंगामा करने के बजाय विपक्ष को संस्थागत तरीके से अपने सवालों के जवाब तलाशने चाहिए।
‘सशक्त विपक्ष से बढ़ती है सरकार की जवाबदेही’
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को प्रदर्शन करने की पूरी आजादी है। जितना सशक्त और सक्रिय विपक्ष होगा, उतनी ही सरकार और सत्ता पक्ष की जवाबदेही बढ़ेगी। विपक्ष को अपने सवाल जरूर उठाने चाहिए, लेकिन उन सवालों के उचित जवाब हासिल करने का प्रयास भी करना चाहिए।”
‘चुनाव आयोग से समय मांगे विपक्ष’
विपक्षी दलों द्वारा चुनाव प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग ने कहा कि बिना पूरी जानकारी के केवल हंगामा करने से कोई समाधान नहीं निकलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने सलाह देते हुए कहा, “अगर विपक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, तो इसके लिए प्रक्रिया बेहद सामान्य है। विपक्षी नेताओं को सीधे चुनाव आयोग से संपर्क करना चाहिए और मुलाकात के लिए समय मांगना चाहिए। खुद मुख्य चुनाव आयुक्त उनके सवालों का स्पष्टीकरण और जवाब दे सकते हैं।”
‘हंगामा करते रहेंगे तो जवाब नहीं मिलेगा’
चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि एक दिन का विरोध प्रदर्शन करके राजनीतिक दल अपनी बात अपने समर्थकों तक पहुंचाने में तो सफल हो सकते हैं, लेकिन इससे उनके द्वारा उठाए गए सवालों के वास्तविक जवाब नहीं मिलेंगे।
उन्होंने चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की गरिमा का बचाव करते हुए कहा, “अगर किसी भी आम नागरिक के मन में देश की चुनाव प्रक्रिया को लेकर गलत सवाल पैदा होता है, तो यह हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर संस्था की अपनी एक मर्यादा होती है और उसका पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।”
