लखनऊ में गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर: जलमग्न इलाकों में योगी सरकार के निर्देश पर राहत कार्य तेज, 12 रैन बसेरे और 90 नावें तैनात

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राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई रिहायशी इलाकों में जलभराव के हालात पैदा हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर तेज कर दिए हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जलभराव से प्रभावित जोन-6 के सैठा और जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर व मिल्लत नगर जैसे इलाकों का सघन निरीक्षण कर अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए 12 अस्थायी रैन बसेरे

जलभराव के कारण परेशानी का सामना कर रहे परिवारों के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर इंतजाम किए हैं:

  • अस्थायी और स्थायी शेल्टर: दाउद नगर में 10, और लोहरामऊ व मिल्लत नगर में 1-1 अस्थायी रैन बसेरा तैयार किया गया है। इसके अलावा पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड क्षमता वाले 3 स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं।

  • जरूरी सुविधाएं: इन रैन बसेरों में बेड, फोल्डिंग, पंखे, कूलर, रोशनी और मोबाइल चार्ज करने के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट जैसी मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं।

  • विस्थापन: जोन-6 से करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

पीने का पानी और 90 नावों की तैनाती

जलभराव वाले इलाकों में लोगों के आवागमन और राहत सामग्री के वितरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से 90 नावें और स्टीमर संचालित किए जा रहे हैं। लक्ष्मी हॉस्पिटल के पीछे एक नाव विशेष रूप से सिर्फ राहत सामग्री बांटने के लिए लगाई गई है। स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित इलाकों में 20 पानी के टैंकर और 10 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल भेजा गया है। दाउद नगर, लोहरामऊ और मिल्लत नगर में नगर निगम के कर्मचारी दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं।

ड्रोन से छिड़काव और बीमारियों से बचाव की तैयारी

जलभराव के बाद संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छता अभियान जोरों पर है:

  • 250 सफाईकर्मी तैनात: यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी लगातार सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में जुटे हैं।

  • ड्रोन से एंटी-लार्वा का छिड़काव: जोन-3 और जोन-6 के ऐसे जलभराव वाले इलाके जहां मशीनों या इंसानों का पहुंचना कठिन है, वहां करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन की मदद से एमएलओ और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया है।

  • फॉगिंग मशीनें: मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए 6 मैनुअल मशीनें, 6 बड़ी फॉगिंग मशीनें और एलएसए की 2 बड़ी मशीनों से लगातार दवा का छिड़काव किया जा रहा है।