पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI का बड़ा एक्शन: दूसरी अनुसूची से किया बाहर, छिना ‘शेड्यूल्ड बैंक’ का दर्जा
संकट से जूझ रहे पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर पेटीएम पेमेंट्स बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची (Second Schedule) से पूरी तरह बाहर कर दिया है। इस फैसले के साथ ही बैंक से ‘शेड्यूल्ड बैंक’ का आधिकारिक दर्जा औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।
राजपत्र में प्रकाशित हुआ RBI का नोटिफिकेशन
आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक (Chief General Manager) बृज राज द्वारा जारी अधिसूचना और प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने 31 जुलाई 2026 को ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया था। इसे 7 सितंबर 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित किया गया।
इस गजट नोटिफिकेशन के जरिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक को RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची से बाहर (Exclude) कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इसी अनुसूची के तहत देश के सभी अधिकृत और मान्यता प्राप्त शेड्यूल्ड बैंक सूचीबद्ध होते हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया बैंक को समेटने का आदेश
आरबीआई की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2026 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक को समेटने (Winding Up) का आदेश दिया था।
अदालत ने यह निर्देश बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के कानूनी प्रावधानों के तहत जारी किया। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम. नायर को बैंक का ‘ऑफिशियल लिक्विडेटर’ (Official Liquidator) नियुक्त किया गया है, जो वर्तमान में बैंक की संपत्तियों और देनदारियों के निपटारे की प्रक्रिया संभाल रहे हैं।
लाइसेंस रद्द होने के बाद उठाया गया कदम
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई नियमों के लगातार उल्लंघन और गंभीर विनियामक (रेगुलेटरी) कमियों के चलते हुई है। इससे पहले आरबीआई ने 24 अप्रैल 2026 को कारोबार समाप्ति के साथ ही बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था।
रिजर्व बैंक का कहना था कि बैंक का कामकाज इस तरह संचालित किया जा रहा था जो खुद बैंक और उसके जमाकर्ताओं (Depositors) के हितों के प्रतिकूल था। अनिवार्य लाइसेंसिंग शर्तों का पालन न करने के कारण बैंक के सभी बैंकिंग परिचालन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई थी।
आम ग्राहकों और पेटीएम ऐप पर क्या असर पड़ेगा?
पेटीएम पेमेंट्स बैंक की बैंकिंग सेवाएं अब पूरी तरह बंद हो चुकी हैं और यह इकाई लिक्विडेशन प्रक्रिया में है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि पेटीएम की मूल कंपनी ‘वन97 कम्युनिकेशंस’ (One97 Communications) का यूपीआई और डिजिटल पेमेंट ऐप सामान्य रूप से कार्य कर रहा है।
पेटीएम ऐप अब थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) मॉडल के तहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और यस बैंक (YES Bank) जैसे प्रमुख साझेदार बैंकों के साथ मिलकर अपनी यूपीआई और डिजिटल भुगतान सेवाएं पहले की तरह जारी रखे हुए है।
