लखनऊ की 9 विधानसभा सीटों का पूरा चुनावी गणित, जानें BJP और SP की स्थिति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। प्रशासनिक राजधानी होने के साथ-साथ लखनऊ की 9 विधानसभा सीटें प्रदेश की सियासत में एक बड़ा संदेश देती हैं। मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व, लखनऊ मध्य, लखनऊ कैंट और मोहनलालगंज—इन सभी 9 सीटों पर शहरी और ग्रामीण मतदाताओं का अलग-अलग समीकरण काम करता है।
2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां की 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) के खाते में 2 सीटें गई थीं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इन सीटों पर मतदान प्रतिशत 54 से 70 फीसदी के बीच रहा था।
सरोजनीनगर और लखनऊ पूर्व में सबसे बड़ी जीत
2022 के चुनावी नतीजों पर नजर डालें तो सरोजनीनगर और लखनऊ पूर्व, बीजेपी के लिए सबसे बड़ी जीत वाली सीटें रही थीं। सरोजनीनगर में बीजेपी के राजेश्वर सिंह ने सपा के अभिषेक मिश्रा को 56,186 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इस सीट पर बीजेपी को 49.07% और सपा को 31.90% वोट मिले।
लखनऊ पूर्व सीट पर भी बीजेपी का दबदबा दिखा। यहां आशुतोष टंडन ने सपा के अनुग्रह भदौरिया को 68,731 वोटों से मात दी थी, जो जिले में जीत का सबसे बड़ा अंतर था।
मलिहाबाद और लखनऊ पश्चिम में करीबी मुकाबला
अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित मलिहाबाद सीट पर 2022 में कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। बीजेपी की जय देवी ने सपा के सुरेंद्र कुमार को महज 7,745 वोटों से हराया था। दोनों पार्टियों के बीच वोट शेयर का अंतर भी काफी कम था।
दूसरी ओर, घनी आबादी वाली लखनऊ पश्चिम सीट का नतीजा जिले की बाकी तस्वीर से अलग रहा। यहां सपा के अरमान खान ने बीजेपी के अंजनी कुमार श्रीवास्तव को 8,184 वोटों से हराया। सपा को 48.19% और बीजेपी को 45.03% वोट मिले थे।
लखनऊ मध्य में सपा का परचम, कैंट में बीजेपी बरकरार
पुराने लखनऊ के इलाके को कवर करने वाली लखनऊ मध्य सीट पर सपा के रविदास मेहरोत्रा ने जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के रजनीश कुमार गुप्ता को 10,935 वोटों से हराया।
इसके उलट, लखनऊ कैंट सीट पर बीजेपी की पकड़ मजबूत रही। ब्रजेश पाठक ने सपा के सुरेंद्र सिंह गांधी ‘राजू गांधी’ को 39,512 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। इसी तरह, लखनऊ उत्तर सीट पर बीजेपी के नीरज बोरा ने सपा की पूजा शुक्ला को 33,953 वोटों से हराया।
ग्रामीण और आरक्षित सीटों का समीकरण
राजधानी के ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में बीजेपी के योगेश शुक्ला ने सपा के गोमती यादव को 27,788 वोटों से हराया था।
वहीं, एक अन्य सुरक्षित सीट मोहनलालगंज में भी बीजेपी ने जीत का परचम लहराया। अमरेश कुमार ने सपा की सुशीला सरोज को 16,548 वोटों से शिकस्त दी थी। इस सीट पर ग्रामीण और कृषि से जुड़े मुद्दे हमेशा हावी रहते हैं।
2027 की सियासी तस्वीर और अहम मुद्दे
2024 के लोकसभा चुनाव में लखनऊ सीट पर 52.5 फीसदी मतदान हुआ था। हालांकि, विधानसभा चुनावों में स्थानीय मुद्दे ज्यादा हावी रहते हैं।
आगामी 2027 के चुनाव में लखनऊ में स्थानीय विकास, ट्रैफिक, कानून-व्यवस्था, शहरी विस्तार, महंगाई और ग्रामीण बुनियादी सुविधाएं प्रमुख चुनावी मुद्दे होंगे। जिले का मतदाता वर्ग शहरी और ग्रामीण हिस्सों में बंटा हुआ है, इसलिए हर सीट पर उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि और स्थानीय पकड़ ही हार-जीत तय करेगी।
