सीएनजी के दाम में फिर उछाल, लखनऊ में ₹107 प्रति किलो पहुंची कीमत; देखें अन्य शहरों के रेट
उत्तर प्रदेश में वाहन चालकों और आम जनता की जेब पर एक बार फिर अतिरिक्त बोझ पड़ने जा रहा है। राज्य में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। अलग-अलग शहरों में वितरण लागत और स्थानीय टैक्स के आधार पर नए रेट लागू किए गए हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार (3 अक्टूबर) से सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है, जिसके बाद यहां नई कीमत 105 रुपये से बढ़कर 107 रुपये प्रति किलो हो गई है।
लखनऊ, उन्नाव और आगरा में 2 रुपये की बढ़ोतरी
राजधानी लखनऊ के साथ-साथ पड़ोसी जिले उन्नाव में भी सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये का इजाफा किया गया है।
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उन्नाव: यहां सीएनजी के दाम 101.75 रुपये से बढ़कर अब 103.75 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। लखनऊ और उन्नाव में ये संशोधित दरें 3 अक्टूबर से ही प्रभावी कर दी गई हैं।
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आगरा: ताजनगरी आगरा में भी सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। आगरा में 4 अक्टूबर से नई दरें लागू हो गई हैं, जहां अब कीमत 105 रुपये से बढ़कर 107 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है।
अयोध्या और सुल्तानपुर में सबसे बड़ा उछाल
प्रदेश में सीएनजी की कीमतों में सबसे अधिक इजाफा अयोध्या और सुल्तानपुर जिलों में दर्ज किया गया है।
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इन दोनों ही शहरों में सीएनजी की कीमतों में 3.25 रुपये प्रति किलोग्राम की सीधी बढ़ोतरी की गई है।
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इस बड़े उछाल के बाद अयोध्या और सुल्तानपुर में सीएनजी के दाम 101.75 रुपये से बढ़कर 105 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गए हैं।
क्यों बढ़ाई गईं कीमतें?
कीमतों में इस ताजा वृद्धि के पीछे गैस आपूर्ति की लागत में आई तेजी को मुख्य वजह बताया गया है।
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अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में गैस की खरीद लागत में वृद्धि हुई है।
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स्पॉट गैस की दरों में लगातार तेजी दर्ज की गई है।
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इसके अलावा विदेशी मुद्रा विनिमय दर (करेंसी एक्सचेंज रेट) में आए उतार-चढ़ाव ने भी लागत पर असर डाला है, जिसके चलते कंपनियों को खुदरा दरों में संशोधन करना पड़ा।
कमर्शियल और प्राइवेट वाहन चालकों पर सीधा असर
सीएनजी के दाम बढ़ने का सीधा असर सड़कों पर दौड़ने वाले लाखों वाहनों पर पड़ेगा। निजी सीएनजी कार मालिकों के साथ-साथ ऑटो-रिक्शा, कैब/टैक्सी और हल्के व्यावसायिक वाहनों (LCV) का संचालन खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा। कमर्शियल ऑपरेटरों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर परिवहन और माल ढुलाई के खर्च पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
