मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल-1B का होगा पुनर्विकास; क्षमता 33% बढ़ेगी, नवी मुंबई में शिफ्ट हो सकती हैं उड़ानें
मुंबई एयरपोर्ट (Mumbai Airport) के करीब 60 साल पुराने टर्मिनल-1B (Terminal-1B) के उत्तरी हिस्से का जल्द ही चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास (Redevelopment) किया जाएगा। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा संचालित मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने इस बड़ी प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि पुरानी इमारत के जर्जर ढांचे और इससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए टर्मिनल के पुनर्विकास का यह अहम फैसला लिया गया है।
सुरक्षा चिंताएं: अप्रैल में आग लगने की घटना के बाद फैसला
कंपनी के मुताबिक, टर्मिनल-1 लंबे समय से सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। पिछले कई वर्षों से यात्रियों और एयरलाइंस के लिए कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण, अस्थायी मरम्मत और उपायों के जरिए यहां काम चलाया जा रहा था।
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इसी साल अप्रैल महीने में टर्मिनल-1 में आग लगने की एक घटना हुई थी, जिसके बाद इस पुराने ढांचे से जुड़े जोखिम और अधिक स्पष्ट हो गए।
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अब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Navi Mumbai International Airport) के संचालन में आने के बाद, एयरलाइंस और यात्रियों के लिए एक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है।
कितने यात्री होंगे प्रभावित?
मुंबई एयरपोर्ट से हर साल करीब 5.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं। AAHL के सीईओ अरुण बंसल ने जानकारी दी कि पहले चरण में केवल टर्मिनल-1B के उत्तरी हिस्से को हटाया जाएगा, जो टर्मिनल-1 की कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई है।
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इस बदलाव से एयरपोर्ट के केवल 9 प्रतिशत (करीब 50 लाख) यात्री ही सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
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बाकी 91 प्रतिशत यात्री यातायात पर इस पुनर्विकास का कोई असर नहीं पड़ेगा।
एयरलाइंस को नवी मुंबई एयरपोर्ट का विकल्प
यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और विमान सेवाएं निर्बाध चलती रहें, इसके लिए एयरलाइंस को अस्थायी रूप से अपनी उड़ानें नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने का विकल्प दिया गया है।
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हालांकि, यह पूरी तरह से एयरलाइंस के अपने विवेक पर निर्भर करेगा कि वे उड़ानें शिफ्ट करना चाहती हैं या नहीं।
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अरुण बंसल ने स्पष्ट किया कि नवी मुंबई की ओर यातायात का यह स्थानांतरण पूरी तरह से ‘अस्थायी’ होगा। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि मुंबई एयरपोर्ट से उड़ानों को स्थायी तौर पर ट्रांसफर किया जा रहा है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स इस पूरी बदलाव प्रक्रिया के दौरान एयरलाइंस को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।
जनवरी 2027 से शुरू होगा काम, 33 प्रतिशत बढ़ेगी क्षमता
टर्मिनल-1 का यह पुनर्विकास कार्य जनवरी 2027 से शुरू होने की योजना है।
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वर्तमान में इस टर्मिनल की क्षमता करीब 1.5 करोड़ यात्री प्रति वर्ष है।
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पुनर्विकास का काम पूरा होने के बाद इसकी क्षमता 33 प्रतिशत बढ़कर 2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के अनुसार, टर्मिनल-1 के भविष्य को लेकर एयरलाइंस के साथ साल 2020 से ही चर्चा चल रही है और इस प्रस्ताव को एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) की मंजूरी भी मिल चुकी है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट देगा रियायतें संचालन को सुगम बनाने के लिए नवी मुंबई एयरपोर्ट नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग फीस (Landing Fees) में 100 प्रतिशत छूट की पेशकश कर रहा है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट के यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में अंतर की भरपाई के लिए विशेष कैश वाउचर देने की भी योजना बनाई गई है। कंपनी का मानना है कि मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट एक-दूसरे के पूरक के तौर पर काम करेंगे।
