‘चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं तो सांसद पद से इस्तीफा दें राहुल गांधी’, विष्णुदेव साय का पलटवार
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सीएम साय ने राहुल गांधी के व्यवहार को ‘आदतन अपराधी’ जैसा बताते हुए कहा कि वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर घिनौना काम कर रहे हैं।
‘चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को कोसना कांग्रेस की आदत’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर बार-बार सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत बन गई है। उन्होंने कांग्रेस की बौखलाहट का कारण बताते हुए कहा, “कांग्रेस अब तक 100 से ज्यादा चुनाव हार चुकी है, इसलिए वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। जब वे जनता की अदालत में चुनाव हार जाते हैं, तो अपनी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव आयोग को कोसने लगते हैं।”
साय ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें भारतीय चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर इतना ही अविश्वास है, तो उन्हें तुरंत अपने सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों का किया खंडन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति की खबरों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के भीतर कोई मतभेद नहीं है और यह संस्था पूरी दुनिया में अपनी विश्वसनीयता के लिए जानी जाती है, जिसकी कार्यप्रणाली की वैश्विक स्तर पर सराहना होती है।
क्या है पूरा विवाद?
गौरतलब है कि बीते 23 और 24 सितंबर को राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ को भारतीय नागरिकों के खिलाफ एक बड़ा अपराध और देश के संविधान पर सीधा हमला बताया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में भी मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था।
चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण और माफी की मांग
राहुल गांधी के आरोपों के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने भी एक स्पष्टीकरण जारी कर आयोग के भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। आयोग ने बयान में कहा था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसी मामले का हवाला देते हुए राहुल गांधी से देश और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने के लिए माफी मांगने की मांग की है।
