पाकिस्तान में फिर आतंकी हमला, पुलिस चेकपोस्ट पर कार धमाके में 11 की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत के डेरा इस्माइल खान (DI Khan) में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है। यहां दराजिंदा के पास अमन मेला में एक पुलिस चेक पॉइंट को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया। विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी में किए गए इस जोरदार धमाके में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई है, जबकि लगभग 30 लोग घायल हुए हैं। प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
पुलिस चेकपोस्ट को बनाया गया निशाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की सीमा के करीब, डीआई खान-क्वेटा रोड (DI Khan-Quetta Road) पर मुगल कोट और दराजिंदा के नजदीक अमन मेला चेकपोस्ट पर हुई। इस चेकपोस्ट का उपयोग पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और जांच के लिए करती है। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के इलाके में भारी नुकसान हुआ है। धमाके की सटीक प्रकृति और कारणों का पता लगाने के लिए बम निरोधक टीमों (Bomb Disposal Squad) को घटनास्थल पर भेजा गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मोबाइल सेवाएं ठप
रेस्क्यू 1122 के अधिकारियों के मुताबिक, इस भीषण हमले में मरने वालों में आठ पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। बचाव सेवा की टीमें घटनास्थल पर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में जुटी हैं।
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राहत कार्यों में 25 से अधिक रेस्क्यू कर्मी, छह एम्बुलेंस और एक दमकल वाहन तैनात हैं।
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जिला आपातकालीन अधिकारी मुहम्मद आरिफ खान ने डीआई खान से कर्मचारियों के साथ चार अतिरिक्त एम्बुलेंस मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
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घायलों में से कई की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। 18 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए दराजिंदा और डीआई खान के मुफ्ती महमूद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि इलाके में मोबाइल फोन सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य में संवाद की दिक्कतें आ रही हैं।
गवर्नर ने की हमले की निंदा
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने इस आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और प्रशासन को घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। गवर्नर ने इस आतंकी वारदात को ‘फ़ितना अल-ख्वारिज’ की एक नापाक साजिश करार दिया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी राज्य व्यवस्था टीटीपी जैसे प्रतिबंधित संगठनों के लिए ‘फ़ितना अल-ख्वारिज’ शब्द का इस्तेमाल करती है, जबकि बलूचिस्तान स्थित विद्रोही गुटों को ‘फ़ितना अल-हिंदुस्तान’ कहा जाता है।
