अपनों ने भी उठाए CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल; चिराग पासवान, TDP और कुशवाहा ने चुनाव आयोग से मांगी सफाई
चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद अब सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रह गया है। केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर भी इस मुद्दे पर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन प्रमुख सहयोगी दलों—एलजेपी (रामविलास), तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM)—ने एक सुर में चुनाव आयोग से इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, TDP के लोकसभा फ्लोर लीडर लावू श्रीकृष्ण देवरायालू और RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि चुनावी पारदर्शिता और जनता का भरोसा कायम रखने के लिए आयोग को आगे आकर जवाब देना चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के उन फैसलों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है, जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना लिए गए। इन फैसलों में वोटर लिस्ट के डेटा सेंट्रलाइजेशन और पहली बार वोट देने वालों के लिए ‘फॉर्म 6’ (Form 6) में किए गए अहम बदलाव शामिल हैं।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के दल लगातार CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
NDA सहयोगियों ने क्या कहा?
इस मामले में एनडीए के सहयोगी दल भी चुनाव आयोग से पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं:
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चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री एवं LJP प्रमुख): उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न तो विपक्ष का समर्थन कर रहे हैं और न ही चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर चुनावी सिस्टम से लोगों का भरोसा उठता है, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं होगा। चुनाव आयोग को राहुल गांधी या विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसे देश की जनता के मन में मौजूद शंकाओं और भ्रम को जरूर दूर करना चाहिए।”
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लावू श्रीकृष्ण देवरायालू (TDP के लोकसभा फ्लोर लीडर): उन्होंने कहा कि भले ही आंध्र प्रदेश में SIR पारदर्शी तरीके से हुआ हो, लेकिन पूरे देश में उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग की तरफ से स्पष्टीकरण आना फायदेमंद होगा। पारदर्शिता से हमेशा संस्थाओं पर भरोसा मजबूत होता है।
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उपेंद्र कुशवाहा (RLM प्रमुख): उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी बात रखते हुए कहा, “SIR को लेकर हुए विवाद ने जनता के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है, ऐसे में चुनाव आयोग को तुरंत आगे आकर सफाई देनी चाहिए।”
