UP News: सप्लीमेंट के नाम पर क्या बेच रहे थे? 13 जिलों में छापा, ₹1 करोड़ का माल सीज

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अगर आप हेल्थ सप्लीमेंट या न्यूट्रास्यूटिकल्स इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। उत्तर प्रदेश में ऐसे उत्पादों की आड़ में भ्रामक स्वास्थ्य दावे करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कार्रवाई शुरू की है। विभाग ने 13 जिलों में एक साथ जांच अभियान चलाया। इस दौरान 63 प्रतिष्ठानों और इकाइयों की जांच की गई। टीमों ने 43 नमूने लिए और करीब एक करोड़ रुपये का संदिग्ध माल सीज किया।

13 जिलों में एक साथ जांच

संयुक्त टीमों ने आगरा, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, झांसी, प्रयागराज, मुरादाबाद, लखनऊ, बरेली, हाथरस, मथुरा, गोरखपुर और वाराणसी में कार्रवाई की। जांच में ऐसे उत्पाद भी मिले, जिन पर विभाग के मुताबिक नियमों के खिलाफ दावे या लेबलिंग से जुड़ी गड़बड़ियां थीं। न्यूट्रास्यूटिकल्स में आमतौर पर विटामिन, मिनरल, प्रोटीन, ओमेगा-3 और प्रोबायोटिक्स जैसे पोषक तत्व होते हैं। इन्हें सामान्य तौर पर पोषण और स्वास्थ्य को सपोर्ट करने वाले उत्पाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कहा है कि गलत या भ्रामक स्वास्थ्य दावे करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

लखनऊ में करीब 39.50 लाख का माल जब्त

लखनऊ में जेवीएस फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की जांच के दौरान पांच नमूने लिए गए। यहां करीब 39.50 लाख रुपये का माल सीज किया गया। विभाग के मुताबिक, यहां मिसब्रांडिंग और भ्रामक दावों के साथ स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी मिलीं। वहीं सेंटर फ्यूरेरा हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड में तीन न्यूट्रास्यूटिकल्स के साथ करीब 10 लाख रुपये की एलोपैथिक दवाएं भी रखी मिलीं। टीम ने यहां रिलेबलिंग, पैकिंग और मार्केटिंग से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच की।

नोएडा और गाजियाबाद में भी कार्रवाई

गौतमबुद्धनगर की बायोरीहेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड में उत्पादों के भंडारण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। टीम ने तीन नमूने लिए और करीब छह लाख रुपये का माल सीज किया। गाजियाबाद में मिसब्रांडिंग और भ्रामक दावों से जुड़े तीन नमूने लिए गए। यहां करीब 27 लाख रुपये का माल जब्त किया गया।

‘पावरफुल रिजल्ट’ और ‘क्विक रिकवरी’ जैसे दावे मिले

आगरा की एएसएच इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में निर्माण गतिविधि नहीं मिली, लेकिन उत्पादों के लेबल पर ‘पावरफुल रिजल्ट’ और ‘क्विक रिकवरी’ जैसे दावे लिखे थे। विभाग ने इन दावों को भ्रामक मानते हुए सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। वाराणसी के सुधविन हेल्थकेयर में भी कई अनियमितताएं मिलने की बात सामने आई है। विभाग ने प्रतिष्ठान को बंद कराने की संस्तुति की है। एफएसडीए का कहना है कि जांच अभियान का मकसद उपभोक्ताओं को गलत स्वास्थ्य दावों वाले उत्पादों से बचाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।