Gas Connection वालों के लिए बड़ी खबर, 30 सितंबर के बाद बंद हो सकती है ये सुविधा

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Gas Connection e-KYC: अगर आपके घर में गैस कनेक्शन है और अभी तक उसकी ई-केवाईसी नहीं हुई है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। आपके पास ई-केवाईसी कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय है। विभाग की तरफ से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की यह डेडलाइन तय की गई है।

इसके बाद जिन कनेक्शनों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें ब्लॉक किया जा सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी भी प्रभावित हो सकती है।

जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम के मुताबिक, फर्जी गैस कनेक्शनों पर रोक लगाने और सब्सिडी की रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी जरूरी की गई है।

ई-केवाईसी नहीं कराई तो क्या होगा?

विभाग के अनुसार, 30 सितंबर तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर कार्रवाई हो सकती है। कनेक्शन ब्लॉक होने की स्थिति में गैस की सुविधा प्रभावित हो सकती है।

सब्सिडी मिलने में भी परेशानी आ सकती है। इसलिए विभाग ने उपभोक्ताओं से समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।

ई-केवाईसी क्यों जरूरी की गई है?

ई-केवाईसी का मकसद गैस कनेक्शनों का आधार से सत्यापन करना है। इससे फर्जी या गलत तरीके से चल रहे कनेक्शनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं का आधार सत्यापन कर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीण उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

ग्रामीण इलाकों में कुछ उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसी तक पहुंचना अभी भी आसान नहीं है। कई परिवार आर्थिक परेशानी के कारण लंबे समय तक सिलिंडर नहीं भरवा पाते हैं।

सिकंदराराऊ क्षेत्र के पोरा गांव की सीमा देवी ने बताया कि गैस महंगी होने के कारण कई बार महीनों तक सिलिंडर नहीं भरवा पाती हैं। उनका कहना है कि अब ई-केवाईसी के लिए भी एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कुछ परिवार जरूरत पड़ने पर दूसरे लोगों से सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं।

सवाल-जवाब में समझिए पूरी खबर

सवाल: गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी की आखिरी तारीख क्या है?
जवाब: उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक ई-केवाईसी कराने का मौका दिया गया है।

सवाल: ई-केवाईसी नहीं कराने पर क्या होगा?
जवाब: विभाग के अनुसार कनेक्शन ब्लॉक हो सकता है और सब्सिडी प्रभावित हो सकती है।

सवाल: ई-केवाईसी क्यों कराई जा रही है?
जवाब: फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाने, आधार सत्यापन करने और सब्सिडी को डीबीटी के जरिए लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी जरूरी की गई है।