आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को कमान, मायावती ने किया बड़ा ऐलान

mayawati

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में बुधवार को एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया। यह वही जिम्मेदारी है, जो पहले आकाश आनंद के पास थी।

लखनऊ में बसपा के प्रदेश कार्यालय पर पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और घोषित प्रत्याशियों की बैठक हुई। इसी बैठक में ईशान आनंद की नई जिम्मेदारी का ऐलान किया गया।

ईशान आनंद को ही क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी?

ईशान आनंद को लेकर बसपा में पिछले कुछ दिनों में कई बदलाव देखने को मिले हैं। इससे पहले पार्टी में उनकी जिम्मेदारी बदली गई थी। फिर उन्हें संगठन से दूर किया गया और अब दोबारा बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

इससे पहले मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाया था और उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद ईशान आनंद को वही अहम पद दिया गया है।

परिवारवाद के सवाल पर बसपा ने क्या कहा?

ईशान आनंद की नियुक्ति के बाद परिवारवाद को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। इसी मुद्दे पर बसपा की ओर से बैठक के बाद जारी बयान में पार्टी की विचारधारा और अपने पुराने रुख का जिक्र किया गया।

पार्टी ने कहा कि बसपा की राजनीति में परिवारवाद की जगह नहीं रही है। पार्टी के मुताबिक, संस्थापक कांशीराम ने बहुजन समाज को ही अपना बड़ा परिवार माना और संगठन को इसी सोच के आधार पर आगे बढ़ाया।

हालांकि, पार्टी ने यह भी कहा कि रिश्ते के भाई-बहन या उनके करीबी परिवार के लोग अगर बिना किसी निजी स्वार्थ के संगठन के लिए काम करना चाहते हैं, तो वे पार्टी में योगदान दे सकते हैं।

यही बात मायावती की ओर से भी दोहराई गई है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं को क्या संदेश दिया?

बैठक में मायावती ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से संगठन के लक्ष्य पर ध्यान लगाने को कहा। मायावती के मुताबिक, विरोधी दल अलग-अलग तरीकों से बसपा को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह के व्यक्तिगत मोह और स्वार्थ में नहीं उलझना चाहिए।

उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करने का आह्वान किया।

आकाश आनंद और ईशान आनंद का मामला क्या है?

आकाश आनंद को पहले बसपा में राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में मायावती ने उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली और उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया।

इसी बीच ईशान आनंद को लेकर भी पार्टी में जिम्मेदारियां बदली गईं। सितंबर में मायावती ने दोनों भाइयों को संगठन में जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही थी। इसके बाद अब ईशान आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।

मायावती के फैसले से क्या बदला?

ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद बसपा संगठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। पार्टी की ओर से परिवारवाद पर दी गई सफाई के साथ यह मुद्दा अब राजनीतिक चर्चा का हिस्सा भी बन गया है।