September 15, 2026

UCC पर ओवैसी का अमित शाह को खुला चैलेंज, बोले- गोवा में लागू करके दिखाएं

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 से पहले सभी 21 NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के ऐलान पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और आरएसएस पर गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने का आरोप लगाया है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने दावा किया कि यूसीसी का मुख्य मकसद सिर्फ देश के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाना है।

‘हिम्मत है तो गोवा में लागू करके दिखाएं’

ओवैसी ने भाजपा नेतृत्व को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे यूसीसी को लेकर वाकई गंभीर हैं, तो इसे गोवा में लागू करके दिखाएं, जहां आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अमित शाह, भाजपा और आरएसएस को चुनौती देता हूं कि आगे बढ़िए और गोवा में यूसीसी लागू कीजिए। वहां खड़े होकर ऐलान कीजिए कि जो कानून उत्तराखंड, गुजरात और असम में लागू किया गया है, वही गोवा में भी लाया जाएगा। आप कर लीजिए, लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे।”

संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन

समानता के नाम पर लाए जा रहे इस कानून को ओवैसी ने पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। उनके मुताबिक, सरकारी स्तर पर यूसीसी लाने का कदम सीधे तौर पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), 26 और 29 का खुला उल्लंघन है।

एआईएमआईएम प्रमुख ने मोदी सरकार द्वारा गठित विधि आयोग (लॉ कमीशन) की एक पुरानी रिपोर्ट का हवाला देते हुए याद दिलाया कि उस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि भारत जैसे देश के लिए यूसीसी न तो जरूरी है और न ही वांछनीय। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि इस देश की आत्मा और भावना अनेकतावाद (Pluralism) में बसती है।

2029 से पहले 21 राज्यों में UCC का लक्ष्य

ओवैसी का यह हमला गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने रविवार (13 सितंबर) को यूसीसी के विस्तार की रूपरेखा पेश की थी। शाह ने ऐलान किया था कि भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी।

गृह मंत्री ने बताया कि इसे चरणबद्ध तरीके से अमलीजामा पहनाने के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड जैसे राज्यों में यूसीसी पहले ही लागू किया जा चुका है और अब बाकी सभी भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।