September 16, 2026

नंदीग्राम से लड़ेंगी ममता बनर्जी? TMC बागियों ने दी चुनौती

mamta didi

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी है कि वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ें। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी चुनावी शंखनाद करते हुए 263 सदस्यों वाली नई राज्य कार्यकारिणी समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में सुवेंदु अधिकारी को तामलुक संगठनात्मक जिले (जिसके अंतर्गत नंदीग्राम आता है) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नंदीग्राम से ममता की दावेदारी पर सस्पेंस

2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को कड़े मुकाबले में हराया था। सुवेंदु के सीट छोड़ने के बाद अब यहां उपचुनाव हो रहे हैं। ऐसे में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर नंदीग्राम से अपनी किस्मत आजमाएंगी? टीएमसी में चल रही गुटबाजी और नेताओं की बगावत के बीच यह उपचुनाव ममता के लिए साख का सवाल बन गया है।

‘जब ममता लड़ी थीं, तो अब स्थानीय नेता क्यों लड़े?’

2007 के नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे सीनियर टीएमसी नेता अबू ताहिर ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी उन्हें नंदीग्राम से टिकट देती है, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। ताहिर ने कहा, “ममता बनर्जी को नंदीग्राम आकर चुनाव लड़ना चाहिए। पिछली बार वे खुद मैदान में थीं, तो अब किसी स्थानीय नेता को क्यों बलि का बकरा बनना चाहिए?”

बागियों का दांव: ममता लड़ेंगी तो नहीं उतारेंगे उम्मीदवार

टीएमसी के बागी गुट ने ममता बनर्जी के लिए एक प्रस्ताव भी रखा है। बागी प्रवक्ता रिजु दत्ता और विधायक मदन मित्रा ने कहा है कि यदि ममता नंदीग्राम से लड़ती हैं, तो उनका गुट उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा। मदन मित्रा ने कहा, “इसका मकसद भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे को रोकना है। इससे यह भी साबित हो जाएगा कि हम भाजपा की B-टीम नहीं हैं, अन्यथा हम कई उम्मीदवार उतार सकते थे।”

चुनाव चिह्न पर भी ठनी

रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने टीएमसी के नाम और पार्टी के चुनाव चिह्न पर भी अपना दावा पेश कर दिया है। इस गुट ने साफ चेतावनी दी है कि यदि नामांकन प्रक्रिया खत्म होने से पहले चुनाव आयोग का फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है, तो वे रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।