September 15, 2026

बेंगलुरु में US की 250वीं वर्षगांठ, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने की जमकर तारीफ

Sergio Gor

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और राज्य के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी दूत ने भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य और बेंगलुरु शहर की उद्यमशीलता की जमकर सराहना की।

‘ट्रंप ने मुझे काम पूरा करने के लिए भारत भेजा है’ अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ जश्न मनाने का अवसर जरूर है, लेकिन उनका विजन भविष्य पर केंद्रित है।

  • उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुझे पीछे मुड़कर देखने के लिए भारत नहीं भेजा है। उन्होंने मुझे यहां काम पूरा करने और आगे देखने के लिए भेजा है।”

  • गोर ने जोर देकर कहा कि उनका मुख्य फोकस इस बात पर है कि अमेरिका और भारत के लोगों के लिए असली नतीजे निकलें और दोनों देशों को समान रूप से फायदा मिले।

  • बेंगलुरु शहर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “इस विजन पर बात करने के लिए बेंगलुरु सबसे अच्छी जगह है क्योंकि यह शहर निर्माण करता है, काम को अंजाम देता है और इंतजार नहीं करता।”

लॉन्च हुई ‘TRUST’ फेलोशिप भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने के लिए सर्जियो गोर ने एक अहम घोषणा की।

  • नई पहल: कार्यक्रम के दौरान ‘TRUST फेलोशिप’ की आधिकारिक शुरुआत की गई।

  • भविष्य की तकनीक: यह फेलोशिप भारत और अमेरिका के शीर्ष शोधकर्ताओं (रिसर्चर्स) को एक साथ लाएगी। ये शोधकर्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक जैसी उन अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करेंगे, जो 21वीं सदी को परिभाषित करेंगी।

सीएम डीके शिवकुमार से मुलाकात सर्जियो गोर ने राज्य के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से भी मुलाकात की और विकास के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। राजदूत ने कहा कि कर्नाटक में भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय रिश्ते बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अंतरिक्ष तकनीक, एआई (AI) और बिजनेस सेक्टर पर विशेष जोर दिया। साथ ही बताया कि ‘Pax Silica’ और ‘TRUST’ जैसी पहलों के माध्यम से दोनों देशों के उद्योगों और व्यापार जगत के लिए नए व सुनहरे अवसर पैदा किए जा रहे हैं।