September 15, 2026

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बने सचिन पायलट, भूपेश बघेल की जगह मिली जिम्मेदारी; 6 महासचिवों के प्रभार बदले

rahul-gandhi-congress

पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस आलाकमान ने संगठन स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह युवा नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सचिन पायलट ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और दावा किया कि पार्टी एकजुट होकर पंजाब की सत्ता में वापसी करेगी।

पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पंजाब प्रभारी का दायित्व देने पर मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी जी एवं लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि आगामी चुनाव पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं और सामूहिक प्रयास, मजबूत संगठन व कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर कांग्रेस सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करेगी।

छह महासचिवों के प्रभार बदले, बघेल को असम की कमान कांग्रेस ने शनिवार को कुल छह महासचिवों और प्रभारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल की सूची जारी की:

  • सचिन पायलट: पंजाब के नए प्रभारी बनाए गए।

  • भूपेश बघेल: पंजाब से हटाकर अब असम की जिम्मेदारी सौंपी गई।

  • रणदीप सिंह सुरजेवाला: गुजरात का प्रभार मिला (साथ ही कर्नाटक का प्रभार भी इनके पास बना रहेगा)।

  • सुखदेव भगत: छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी नियुक्त।

  • डॉ. श्रीवेल्ला प्रसाद: महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई।

  • वी.पी. मोहन: आंध्र प्रदेश के प्रभारी बनाए गए।

चन्नी बनाम वड़िंग: पायलट के सामने गुटबाजी खत्म करने की चुनौती पंजाब में सचिन पायलट की राह आसान नहीं मानी जा रही है। हाल ही में संगठनात्मक फेरबदल के बाद राज्य इकाई में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खेमों के बीच खींचतान लगातार जारी है। भूपेश बघेल और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं द्वारा कई दौर की बैठकों के बावजूद दोनों गुटों के बीच पूरी सहमति नहीं बन पाई थी।

हाईकमान का कड़ा संदेश पायलट को जिम्मेदारी सौंपकर आलाकमान ने पंजाब के नेताओं को साफ संदेश दिया है कि चुनाव से पहले किसी भी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को सचिन पायलट का करीबी माना जाता है। ऐसे में पायलट राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच तालमेल बैठाकर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में किस हद तक सफल होते हैं, यह 2027 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से सबसे अहम होगा।