September 15, 2026

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर चला बुलडोजर: अदालत का आदेश खारिज होने के बाद प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई, 6.5 करोड़ का जुर्माना

up

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज होने और जिला अदालत के निर्देश मिलने के बाद शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी कार्रवाई के तहत यह कदम उठाया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद रहे।

बजरंग दल नेता की शिकायत पर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला तब तूल पकड़ा था जब बजरंग दल के नेता विकास त्यागी ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिलाधिकारी कार्यालय जैसे अतिसंवेदनशील और गोपनीय परिसर में अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है।

जांच में यह भी सामने आया कि परिसर का उपयोग केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों के रूप में भी किया जा रहा था। मस्जिद परिसर के भीतर एक डाकघर का संचालन होने के साथ-साथ बाहरी लोगों को कमरे किराए पर दिए गए थे, जिसका किराया मस्जिद कमेटी द्वारा वसूला जा रहा था। बाहरी लोगों के बेरोकटोक आने-जाने से कलेक्ट्रेट की सुरक्षा और गोपनीयता पर बड़ा खतरा पैदा हो गया था।

प्रशासन और अदालत का सख्त रुख मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 24 मार्च 2025 को नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय में लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम यानी पीपी एक्ट के तहत वाद दायर किया था। नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने गत 16 जुलाई 2026 को अपने फैसले में मस्जिद को अवैध करार देते हुए बेदखली, लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की भारी-भरकम क्षतिपूर्ति और ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे।

इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने 22 जुलाई 2026 को जिला न्यायालय में अपील दाखिल की थी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि इस संपत्ति पर ‘प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट 1991’ लागू नहीं होता है। जिला कोर्ट से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के गेट बंद कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और बुलडोजर से मस्जिद को गिरा दिया। फिलहाल पूरे इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।