September 15, 2026

चॉकलेट कूटनीति बेअसर: पीएम मोदी के लिए बेल्जियम से आ रहा चॉकलेट का ‘इंडिया गेट’ रास्ते में टूटा

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नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऐतिहासिक मुलाकातों के बीच बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत के लिए एक बेहद अनोखा और खास तोहफा लेकर आए थे। बेल्जियम के प्रधानमंत्री भारत को तोहफे के रूप में अपनी बेहतरीन चॉकलेट से तैयार किया गया ‘इंडिया गेट’ की हूबहू प्रतिकृति (Replica) भेंट करना चाहते थे, लेकिन दुर्भाग्यवश भारत की यात्रा के दौरान यह चॉकलेट मॉडल टूट गया।

शुक्रवार को भारत में बेल्जियम दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस खास तोहफे की तस्वीर साझा करते हुए इसे “चॉकलेट से बना वायरल इंडिया गेट” करार दिया। दूतावास ने बताया कि हालांकि यह कलाकृति रास्ते में क्षतिग्रस्त हो गई है, लेकिन बेल्जियम के प्रधानमंत्री इसे किसी न किसी तरह प्रधानमंत्री मोदी और भारत तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं और अगली बार इसे सुरक्षित लाने का प्रयास करेंगे।

बार्ट डी वेवर ने खुद सुनाया मजेदार किस्सा गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेल्जियम के पीएम ने इस अनोखे तोहफे का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि असली इंडिया गेट तो करीब एक सदी से शान से खड़ा है, लेकिन उनका यह चॉकलेट वाला संस्करण भारत पहुंचने तक भी नहीं टिक सका। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि “चॉकलेट कूटनीति के लिए बेहतरीन है, लेकिन राजनयिक यात्राओं के लिए उतनी अच्छी साबित नहीं होती।”

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि बेल्जियम में इस चॉकलेट मूर्ति का एक दूसरा बैकअप संस्करण तैयार रखा है। वह भारत से लौटते समय इसी संकल्प के साथ जा रहे हैं कि इस तोहफे को सुरक्षित रूप से प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचाया जाए।

प्रथम विश्व युद्ध और साझा इतिहास से जुड़ा है नाता चॉकलेट से इंडिया गेट बनाने का फैसला पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया था। डी वेवर ने स्पष्ट किया कि इंडिया गेट भारत और बेल्जियम के साझा इतिहास और भविष्य की मजबूत साझेदारी का सबसे बड़ा प्रतीक है। इस चॉकलेट प्रतिकृति में विशेष रूप से उस हिस्से को उभारा गया था, जो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम की ‘फ्लैंडर्स फील्ड्स’ की जंग में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के अद्वितीय बलिदान की याद दिलाता है।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सदी से भी पहले हजारों किलोमीटर दूर से आए भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को बेल्जियम आज भी भूला नहीं है। यह दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों की वह मजबूत नींव है, जो हमें यह याद दिलाती है कि शांति को कभी भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण और बदलावों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।