September 16, 2026

जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर से है कनेक्शन

Jitendra Mishra

अयोध्या : राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी गई है। भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एयर मार्शल मिश्रा का सैन्य करियर बेहद शानदार रहा है और वे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वेस्टर्न कमांड का नेतृत्व कर चुके हैं।

वेस्टर्न एयर कमांड से लेकर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ तक का सफर

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने वायुसेना में वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं। रक्षा तंत्र में उनकी रणनीतिक समझ को देखते हुए उन्हें कई अहम पद सौंपे गए थे। वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में ही डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग के डिप्टी चीफ की भूमिका भी निभाई है।

38 साल का अनुभव और 3000 घंटे की उड़ान

जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। 38 साल से ज्यादा के अपने लंबे सैन्य करियर में उन्हें 3000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव हासिल है। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।

कारगिल युद्ध में निभाई अहम भूमिका

युद्ध के मैदान में भी उनका अनुभव व्यापक रहा है। कारगिल युद्ध की शुरुआत में जब भारतीय वायुसेना ने अपने ऑपरेशन्स तेज किए थे, तब जितेंद्र मिश्रा एक स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर मिराज लड़ाकू विमानों से जुड़ी टीम का अहम हिस्सा रहे थे।

देश-विदेश के प्रतिष्ठित सैन्य संस्थानों से प्रशिक्षण

एयर मार्शल मिश्रा की ट्रेनिंग देश और दुनिया के चुनिंदा सैन्य संस्थानों में हुई है। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी (डुंडीगल) के पूर्व छात्र रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, अमेरिका के अलबामा स्थित एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (मोंटगोमरी) और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से भी उच्च स्तरीय रक्षा और सैन्य शिक्षा हासिल की है।