September 15, 2026

Delhi Bus Safety: गैंगरेप के बाद बसों में पर्दे पर रोक, पैनिक बटन अनिवार्य

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नई दिल्ली: 4 अगस्त को दिल्ली-NCR की सड़कों पर एक स्लीपर बस में 16 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को एक बार फिर से ‘निर्भया कांड’ की भयावह याद दिला दी। इस घटना के बाद मचे भारी बवाल और लोगों के आक्रोश को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में चलने वाली सभी बसों के लिए नियम बेहद सख्त कर दिए हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि कोई बस ऑपरेटर या कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बसों के अंदर होंगे ये बड़े बदलाव

न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के तहत बसों के बुनियादी ढांचे में कई सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य कर दिया गया है। अब दिल्ली में चलने वाली सभी बसों में निम्नलिखित चीजें होनी अनिवार्य हैं:

  • व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD)

  • आसानी से इस्तेमाल किए जा सकने वाले पैनिक बटन

  • आग बुझाने वाले यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर)

  • फर्स्ट-एड किट (प्राथमिक उपचार किट)

बस स्टाफ के लिए सख्त निर्देश

केवल बसों में ही नहीं, बल्कि बस स्टाफ (ड्राइवर और कंडक्टर) के लिए भी कई नए नियम लागू किए गए हैं।

  • लाइसेंस और यूनिफॉर्म: सभी ड्राइवर्स और कंडक्टर्स के पास वैध (Valid) लाइसेंस, यूनिफॉर्म और पीएसवी (PSV) बैज होना अनिवार्य है।

  • बैकग्राउंड वेरिफिकेशन: किसी भी ऑपरेटर या स्टाफ को नौकरी पर रखने से पहले उसका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

  • नशे पर पाबंदी और अच्छा व्यवहार: नशे की हालत में ड्राइविंग करने पर पूरी तरह से रोक है। इसके अलावा, पूरे स्टाफ के लिए सभी यात्रियों के साथ शालीनता से पेश आना जरूरी है।

छेड़छाड़ होने पर क्या करेगा स्टाफ?

नए नियमों में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि यदि बस में कोई व्यक्ति किसी यात्री के साथ छेड़छाड़ या उसे परेशान करता हुआ पाया जाता है, तो स्टाफ की यह जिम्मेदारी होगी कि वह तुरंत पुलिस को सूचना दे। ऐसी स्थिति में बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या पीसीआर (PCR) वैन तक ले जाना अनिवार्य होगा।

दिव्यांगों की मदद और फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी

दिल्ली सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बस स्टाफ दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में सहायता करेगा।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बस ऑपरेटर्स से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि हर बस के पास एक वैध ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ हो और वह सभी एमिशन स्टैंडर्ड्स (उत्सर्जन मानकों) का पालन करती हो। इसके साथ ही, बस में वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट रखना और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।