September 16, 2026

दिल्ली में CJP के 5 सितंबर के मार्च पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Abhijeet Dipke

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी 5 सितंबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर तत्काल कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया है। याचिका में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) समिट का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन को शिखर सम्मेलन के बाद तक टालने की मांग की गई थी। इस पर शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई ठोस वजह नजर नहीं आती जिससे यह आशंका जताई जाए कि कोई अप्रिय घटना होगी।

कानून-व्यवस्था बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी: CJI

मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी पक्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण, जिम्मेदार और कानून के दायरे में रहकर व्यवहार करें।

याचिकाकर्ता द्वारा राजधानी में अप्रिय स्थिति बनने की दोबारा आशंका जताए जाने पर अदालत ने तत्काल हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रखें और याचिका की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल को सौंपें। अदालत ने इस अर्जी को 10 सितंबर को मुख्य मामले के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। यह याचिका एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की ओर से दाखिल की गई थी, जिनकी पैरवी वकील सैयद रिजवान ने की।

वादाखिलाफी के खिलाफ CJP का शांतिपूर्ण मार्च

अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए इस मार्च का आह्वान किया है। पार्टी ने 24 अगस्त को जारी बयान में कहा था कि 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों, विशेषकर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के आश्वासन को पूरा न करना निंदनीय है।

पार्टी के अनुसार, सरकार की ओर से इन आश्वासनों पर लगातार की जा रही देरी और टालमटोल के विरोध में CJP की राष्ट्रीय कार्य समिति ने शांतिपूर्ण अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत 5 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक युवाओं का शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।