नेपाल बाढ़: 160 की मौत, 133 भारतीयों समेत 750 लापता; राज्यों ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
काठमांडू: नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण जलप्रलय में अब तक 160 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 133 भारतीयों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु और विभिन्न राज्यों के पर्यटक शामिल हैं। संचार व्यवस्था और सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित होने से राहत एवं बचाव कार्यों में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, बुधवार 26 अगस्त को सुबह 8:37 बजे तिब्बत में भूकंप आया था। इसके ठीक तीन मिनट बाद नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में पानी बढ़ने और हिमनद फटने से रसुवा के सीमावर्ती शहर तिमुरे में बाढ़ आ गई। भोटे कोशी से होता हुआ यह पानी त्रिशूली नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा और काठमांडू से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों में फैल गया। इस आपदा में कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
भारतीयों की स्थिति और राज्यों का हाल
टूर ऑपरेटर सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के मुताबिक, लापता भारतीयों में कम से कम 59 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे। संचार नेटवर्क ठप होने के कारण सही जानकारी मिलने में बाधा आ रही है।
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तमिलनाडु: राज्य के 57 पर्यटकों में से 37 लापता हैं, जबकि 20 की सुरक्षा की पुष्टि हो गई है। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं, लेकिन उनके 77 सदस्य एक इमिग्रेशन केंद्र में मौजूद थे, जिनका पता नहीं चल पाया है। नेपाल सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि संबंधित इमिग्रेशन केंद्र का पूरा स्टाफ संपर्क से बाहर है।
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पश्चिम बंगाल: कोलकाता से कैलाश मानसरोवर गए 32 लोगों का दल (30 पर्यटक, 2 टूर मैनेजर) लापता है। यह समूह बुधवार सुबह 8:30 बजे रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय में था, तभी बाढ़ आ गई। हुगली और उत्तर 24 परगना के कुछ अन्य लोग भी नेपाल में फंसे हुए हैं।
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उत्तर प्रदेश: भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत अपने सहयोगियों के साथ पोखरा में फंस गए हैं। टिकैत ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सड़क मार्ग से लौटना संभव नहीं है, इसलिए वे अपने वाहन वहीं छोड़कर विमान से काठमांडू होते हुए दिल्ली लौटेंगे।
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महाराष्ट्र और केरल: महाराष्ट्र के सात पर्यटकों में से चार सुरक्षित हैं और बाकी तीन की तलाश जारी है। वहीं, केरल की 36 सदस्यीय टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से दूर और पूरी तरह सुरक्षित है।
दूतावास और राज्यों के हेल्पलाइन नंबर
लापता लोगों की जानकारी और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भारतीय दूतावास सहित कई राज्य सरकारों ने आपातकालीन कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
| राज्य / संस्था | हेल्पलाइन नंबर / संपर्क जानकारी |
| भारतीय दूतावास (नेपाल) | +977-9851316807, +977-9709107500 |
| पश्चिम बंगाल | (033) 24793311, 9147890181 |
| उत्तर प्रदेश | 1070 |
| महाराष्ट्र | 1070, +91-9321587143 (ईमेल: controlroom@maharashtra.gov.in) |
| केरल | 18004253939, मिस्ड कॉल: +91-8802012345 |
| सिक्किम | 03592-201145, 03592-202461, 03592-202256 |
| उत्तराखंड | 1070, 0135-2710334/35, 0135-2664314/15/16, 8218867005 |
| ओडिशा (दिल्ली कंट्रोल रूम) | 011-23012807, +91-7428135044, +91-8527580245 |
| छत्तीसगढ़ | 1070, +91-771-2223471 |
नेपाल प्रशासन और सुरक्षा बल युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रहे हैं। संचार लाइनें पूरी तरह बहाल होने के बाद ही लापता नागरिकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
