यूसुफ पठान को गुजरात सरकार देगी करोड़ों की जमीन, VMC में प्रस्ताव पेश
लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को वडोदरा के तंदलजा इलाके में करोड़ों रुपये की कीमत वाली विवादित जमीन आवंटित करने का रास्ता साफ हो गया है। गुजरात सरकार के एक आदेश के बाद वडोदरा नगर निगम (VMC) ने 978 वर्ग मीटर के इस प्लॉट के आवंटन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस प्रस्ताव को वीएमसी की स्थायी समिति के पास अंतिम फैसले के लिए भेज दिया गया है।
500 वर्ग मीटर जमीन गिफ्ट, बाकी पर छूट
तंदलजा इलाके की टाउन प्लानिंग स्कीम 22 और फाइनल प्लॉट नंबर 90 के तहत आने वाली इस जमीन के पास ही पठान परिवार का घर स्थित है। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, 978 वर्ग मीटर के इस प्लॉट में से 500 वर्ग मीटर जमीन यूसुफ पठान को गिफ्ट के रूप में दी जाएगी। शेष 478 वर्ग मीटर जमीन 55 फीसदी की रियायती दर पर आवंटित करने की व्यवस्था की गई है।
जुलाई में वीएमसी की स्थायी समिति ने इस जमीन की नीलामी की तैयारी की थी, तब इसकी दर करीब 2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर आंकी गई थी। इस हिसाब से पूरे प्लॉट की अनुमानित कीमत करीब 20.5 करोड़ रुपये बैठती है। सरकार के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि इस आवंटन को भविष्य में किसी नजीर (मिसाल) के तौर पर नहीं देखा जाएगा और राज्य का राजस्व विभाग इसके बराबर कीमत की जमीन नगर निगम को देगा।
2012 से चल रहा था जमीन का विवाद
इस जमीन का विवाद करीब एक दशक से ज्यादा पुराना है। साल 2012 में यूसुफ पठान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीएमसी से बिना नीलामी के इस प्लॉट को 99 साल की लीज पर देने की मांग की थी। उस समय वीएमसी ने 5.6 करोड़ रुपये की कीमत पर यह मांग स्वीकार कर ली थी।
साल 2014 में राज्य के शहरी विकास विभाग ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद नगर निगम ने आरोप लगाया कि पठान ने जमीन पर फेंसिंग कर अतिक्रमण कर लिया है। 2024 में अतिक्रमण हटाने का नोटिस मिलने के बाद लोकसभा सांसद ने गुजरात हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने इस साल जून में हुई सुनवाई के दौरान सवाल उठाया था कि बिना औपचारिक प्रक्रिया पूरी किए जमीन पर अधिकार कैसे हासिल किया जा सकता है।
आदेश की टाइमिंग और याचिका वापसी
इस पूरे मामले में सरकार के आदेश और कोर्ट से केस वापसी की टाइमिंग बेहद अहम रही है। राज्य सरकार ने 13 अगस्त को जमीन आवंटन का आदेश जारी किया, जो 29 अगस्त को वीएमसी को प्राप्त हुआ। इसके ठीक दो दिन बाद, 31 अगस्त को यूसुफ पठान ने हाई कोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली। उनके वकील ने अदालत को बताया कि यह मामला कोर्ट के बाहर सुलझ सकता है।
वडोदरा के नगर निगम आयुक्त अरुण महेश बाबू ने बताया है कि सरकार की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है और अब निगम की सामान्य प्रक्रिया के तहत आवंटन का पूरा विवरण तय किया जाएगा।
राजनीतिक मोर्चे पर भी यूसुफ पठान ने हाल ही में बड़ा बदलाव किया है। वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर बागी गुट के साथ नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो चुके हैं।
