UP Election 2027: ‘Modi@25’ से Gen Z तक…यूपी 2027 जीत के लिए बीजेपी कर रही ये काम
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज करना शुरू कर दिया है। पार्टी की रणनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के साथ-साथ Gen Z और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर खास ध्यान दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में बीजेपी ‘Modi@25’ थीम के जरिए युवा मतदाताओं से जुड़ने और उन्हें पार्टी की विचारधारा तथा विकास मॉडल से जोड़ने की कोशिश करेगी।
‘Modi@25’ से युवाओं तक पहुंच बनाने की तैयारी
जंतर-मंतर पर युवाओं की सक्रियता के बाद राजनीतिक दलों का ध्यान Gen Z मतदाताओं की ओर और बढ़ा है। बीजेपी भी इस वर्ग को अपनी रणनीति के केंद्र में लाने की तैयारी कर रही है। ‘Modi@25’ अभियान के जरिए युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा और विकास से जुड़ी योजनाओं से परिचित कराने की योजना है।
नेशनल इनोवेशन चैलेंज में दिखेगा युवाओं का हुनर
बीजेपी की योजना के तहत नेशनल इनोवेशन चैलेंज भी आयोजित किया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नए विचार, रिसर्च की दिशा में प्रोत्साहित करना है। इसके लिए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित किए जाने की योजना है।
प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर विशेष अभियान
बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा सेतु’ अभियान चलाने की तैयारी में है। मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी और 2026 में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से किए जाने की योजना है।
ब्लाक स्तर पर लगेंगे स्पेशल कैंप
‘Modi@25’ थीम पर डिजिटल और फोटो प्रदर्शनियां भी आयोजित करने की योजना है। इनमें प्रधानमंत्री के प्रशासनिक कार्यकाल और विकास से जुड़े मॉडल को प्रदर्शित किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाने की भी तैयारी है। इन कैंपों के माध्यम से लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ऐसे पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने की कोशिश होगी, जो अब तक किसी कारण से इनका लाभ नहीं ले पाए हैं।
टिकट के लिए वरिष्ठता नहीं, जीतने की क्षमता अहम?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 2027 चुनाव के टिकट वितरण में वरिष्ठता या अनुभव के बजाय ‘विनिंग एबिलिटी’ यानी चुनाव जीतने की क्षमता को अधिक महत्व देने पर विचार किया जा रहा है। इसीलिए मौजूदा विधायकों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। क्षेत्र में उनकी सक्रियता, जनता से संपर्क, संगठन के साथ तालमेल और चुनावी प्रदर्शन जैसे पहलुओं का आंकलन किया जा सकता है। पार्टी के भीतर करीब 40 प्रतिशत सीटों पर नए चेहरों को मौका देने की संभावना पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
महिला वोटरों पर भी बीजेपी की नजर
पार्टी महिला स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
2027 में युवाओं की भूमिका होगी निर्णायक
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में युवा मतदाताओं की भूमिका किसी भी चुनाव का रुख बदल सकती है। यही वजह है कि राजनीतिक दल अब केवल पारंपरिक जनसंपर्क के तरीकों पर निर्भर नहीं रहना चाहते। डिजिटल प्लेटफॉर्म, रोजगार, शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप और भविष्य के अवसर जैसे मुद्दे युवा मतदाताओं को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
