September 15, 2026

जैश आतंकी जफर के मोबाइल से खुले पाकिस्तानी राज, जिहाद के नाम पर जुटाए चंदे को क्रिप्टो के जरिए भेजा पार

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यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के हत्थे चढ़े जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी मोहम्मद जफर के मोबाइल फोन से जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। फोन की जांच में जफर के सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक, जफर ने जिहाद के नाम पर चंदा इकट्ठा किया और उस रकम को कई किस्तों में पाकिस्तानी नंबरों पर ट्रांसफर किया। वह खुद भी हथियारों और आतंकी ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान जाने की पूरी योजना बना चुका था।

एटीएस ने मूल रूप से बिहार के रहने वाले जफर को 16 अगस्त को पश्चिमी यूपी के मेरठ से गिरफ्तार किया था। अब जांच एजेंसी उसे जल्द से जल्द पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

क्रिप्टो करेंसी से टेरर फंडिंग

टेरर फंडिंग के तरीके को लेकर पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जफर ने जांच एजेंसियों के सामने कबूल किया है कि उसने पाकिस्तानी नंबरों पर जो रकम ट्रांसफर की, उसके लिए डिजिटल करेंसी (क्रिप्टो करेंसी) का इस्तेमाल किया गया था।

पश्चिमी यूपी के मदरसों में नेटवर्क

शुरुआती जांच में सामने आया है कि जफर हापुड़ के एक मदरसे में मौलवी के तौर पर काम कर रहा था। इसी आड़ में उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई मदरसों में अपना नेटवर्क फैला लिया था। जफर के सोशल मीडिया अकाउंट्स के विश्लेषण से पता चला है कि वह जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर की भड़काऊ और जिहादी तकरीरों से गहराई से प्रभावित था।

जैश-ए-मुहम्मद के जिहादी ग्रुप से जुड़ने के बाद ही वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में आया। उसका मुख्य काम कट्टरपंथी युवकों को हिंसात्मक जिहाद के लिए उकसाना और संगठन के लिए पाकिस्तान पैसा भेजना था।

ISI के कॉल सेंटर से शहजाद भट्टी का नेटवर्क

जफर के नेटवर्क की जांच के बीच भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर पाकिस्तान में बैठा आतंकी शहजाद भट्टी भी आ गया है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, भट्टी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की सरपरस्ती में इस्लामाबाद से बाकायदा एक ‘टेरर कॉल सेंटर’ चला रहा है। इस कॉल सेंटर में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए भारत के गरीब, बेरोजगार और नाबालिग युवाओं को निशाना बनाया जाता है। पाकिस्तानी हैंडलर इन युवाओं को पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर अपने आतंकी नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश करते हैं।