September 15, 2026

अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को भारत से अलग दिखाए जाने पर उठे सवाल

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यूनाइटेड नेशंस (UN) द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक विश्व मानचित्र ने भारत में नई राजनीतिक और कूटनीतिक बहस छेड़ दी है। इस नए नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को ऐसे इलाकों के तौर पर दर्शाया गया है, जिन पर भारत और चीन दोनों अपना दावा करते हैं। नक्शे की इस प्रस्तुति को लेकर भारत के रणनीतिक हलकों में चिंता जताई जा रही है।

मैप में भारतीय इलाकों को कैसे दिखाया गया है?

यह नक्शा 1 जुलाई को अफ्रीकन यूनियन के समर्थन वाले यूएन जनरल असेंबली (UNGA) के ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सामने आया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भौगोलिक क्षेत्रों को अधिक निष्पक्ष और सटीक तरीके से दिखाना था, जिसमें अफ्रीका से जुड़ी पुरानी मानचित्रगत गलतियों को सुधारने पर जोर दिया गया था।

  • नक्शे में अरुणाचल प्रदेश को नागालैंड से जोड़ने वाली कोई स्पष्ट सीमा रेखा नहीं दिखाई गई है। इसके बजाय इसे एक अलग इलाके के रूप में दर्शाया गया है, जिसकी सीमाएं असम और चीन से लगती हैं।

  • अक्साई चीन को भी अलग से दिखाया गया है, जिसका पश्चिमी हिस्सा भारत से सटा हुआ है और पूर्वी हिस्सा चीनी सीमा से मिलता है।

  • इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में ‘लाइन ऑफ़ कंट्रोल’ (LoC) को एक डॉटेड लाइन के जरिए दर्शाया गया है। मैप के साथ दिए गए नोट में कहा गया है कि यह रेखा लगभग उस LoC को दिखाती है जिस पर भारत और पाकिस्तान सहमत हुए थे, और दोनों देशों के बीच जम्मू-कश्मीर का अंतिम स्टेटस अभी तय होना बाकी है। यूएन की तरफ से इन खास इलाकों को इस तरह दिखाने के संबंध में कोई आधिकारिक सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

UN प्रस्ताव पर भारत का रुख और आपत्ति

UNGA ने ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव को अपनाया था, जिसे टोगो ने अफ्रीकन ग्रुप की ओर से पेश किया था। हालांकि यह प्रस्ताव बाइंडिंग (बाध्यकारी) नहीं है, लेकिन इसका असर अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा मैप तैयार करने के तौर-तरीकों पर पड़ सकता है।

भारत ने इस प्रस्ताव का समर्थन तो किया, लेकिन सरकार ने यह पूरी तरह साफ कर दिया कि उसका वोट केवल ‘समान क्षेत्रफल वाले मैप रिप्रेजेंटेशन’ के सिद्धांत के समर्थन में था, न कि किसी खास नक्शे या सीमाओं को दर्शाने के तौर-तरीके के समर्थन में। भारत ने कड़े शब्दों में जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र-शासित प्रदेश देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। भारत का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और अक्साई चीन भी लद्दाख क्षेत्र का ही हिस्सा है, जिन्हें देश के आधिकारिक मानचित्रों के अनुरूप ही दिखाया जाना चाहिए।