जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद GBU छात्र को मिला था 5 लाख के मुचलके का नोटिस, पुलिस ने अब लिया वापस
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने वाले गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के छात्र अक्षत त्रिपाठी को प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस को पुलिस ने रद्द कर दिया है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने छात्र से छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये का निजी मुचलका और दो स्थानीय जमानतदार पेश करने को कहा था।
क्या था पूरा मामला?
ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 130 के तहत यह नोटिस जारी किया था, जिसमें 5 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई थी। इकोटेक-1 थाने की पुलिस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि प्रयागराज के रहने वाले अक्षत जीयूबीयू (GBU) परिसर में अन्य छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे और भ्रामक बातें फैला रहे थे, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी।
छात्र ने नकारे आरोप, SFI ने जताया विरोध
छात्र अक्षत त्रिपाठी ने पुलिस के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वह प्रदर्शन में पूरी तरह शांतिपूर्वक शामिल हुए थे और उस दौरान विश्वविद्यालय में करीब तीन महीने से छुट्टियां चल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में उन्हें चोट भी आई थी। इस कार्रवाई को लेकर ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (SFI) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी और इसे दमनकारी कदम बताया था।
विवाद बढ़ने के बाद इकोटेक-1 थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस 4 सितंबर को ही रद्द कर दिया गया था और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
