Tiger Shroff Firing Case: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने किया हथियार मॉड्यूल का भंडाफोड़, शूटर्स की कोर्ट में पेशी
टाइगर श्रॉफ कार फायरिंग केस की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक हथियार मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दूसरी तरफ, घटना के बाद फरार हुए संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस ने तकनीकी जांच और एक कैब ड्राइवर से मिले सुराग के आधार पर तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से धर दबोचा है।
हथियार मॉड्यूल का भंडाफोड़, मिली 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित, तथा उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस हथियार मॉड्यूल और पूरे मामले में कुणाल की भूमिका बेहद अहम बताई जा रही है।
इस खुलासे के बाद, मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी (मुंबई टीम) ने अदालत से अनुमति लेकर चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। अदालत से अनुमति मिलने के बाद मुंबई पुलिस को आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है, जिसके बाद उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी।
कैब ड्राइवर का फोन कॉल बना टर्निंग पॉइंट
फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में एक कैब ड्राइवर का फोन कॉल पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों ने गुजरात के सूरत भागने के लिए एक कैब बुक की थी। कैब ड्राइवर ने बुकिंग कन्फर्म करने के लिए उस फोन नंबर पर कॉल किया था, जिसका इस्तेमाल आरोपियों ने किया था।
सूरत से कोटा तक का सफर और गिरफ्तारी
इसी फोन नंबर के आधार पर पुलिस ने तकनीकी (टेक्निकल) जांच शुरू की और कैब ड्राइवर तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पूछताछ के दौरान कैब ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने तीनों संदिग्धों को सूरत रेलवे स्टेशन पर ड्रॉप किया था। इस अहम लीड के आधार पर पुलिस की टीमों ने आरोपियों का पीछा किया और आखिरकार तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया।
