Tesla Roadster 2026: हवा में करतब दिखाएगी एलन मस्क की कार…क्या है खास?

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टेस्ला ने आखिरकार अपनी बहुचर्चित इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार Flying Tesla यानी ‘रोडस्टर’ (Roadster) से पर्दा उठा दिया है। 15 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के टेक्सास में हुए लॉन्च इवेंट में कंपनी ने इसका नया वर्ज़न दिखाया, यानी पहली बार प्रोटोटाइप दिखाने के लगभग एक दशक बाद। इस बार कार का डिज़ाइन भी नया है और उसमें इन-बिल्ट थ्रस्टर्स लगे हैं, जिनकी वजह से ये कार उड़ने वाली गाड़ी जैसी एक्टिविटी कर सकती है। कंपनी का कहना है कि इस दो-सीटर कार का प्रोडक्शन 2028 में शुरू होगा।

डेमो में क्या-क्या दिखा

टेक्सास के मैकग्रेगर में स्पेसएक्स (SpaceX) की टेस्ट साइट पर गुरुवार को एक डेमो हुआ। इसमें दिखाया गया कि कार सक्शन सिस्टम की मदद से रैंप पर उल्टी चल सकती है, हवा में मुड़ सकती है और थ्रस्टर्स के सहारे सेफली लैंड भी कर सकती है। इस रोडस्टर को एलन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। हां, पब्लिक रोड पर इन फीचर्स का इस्तेमाल कितना लीगल होगा और असल ज़िंदगी में इनका क्या यूज़ होगा, ये अभी साफ नहीं है।

परफॉर्मेंस की बात करें तो मस्क के मुताबिक ये कार एक सेकंड से भी कम में 0 से 60 मील प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेगी और इसकी टॉप स्पीड 230 मील प्रति घंटे से भी ऊपर जा सकती है।

इतना लंबा इंतज़ार क्यों

टेस्ला ने दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर का प्रोटोटाइप पहली बार 2017 में दिखाया था और 2020 तक डिलीवरी का वादा किया था। लेकिन अब प्रोडक्शन की तारीख खिसकते-खिसकते 2028 पहुंच गई है, यानी फैंस को अभी और इंतज़ार करना पड़ेगा। इससे पहले मस्क ने ये भी कहा था कि चार सीटों वाली ये रोडस्टर एक बार फुल चार्ज करने पर 620 मील (करीब 1,000 किमी) चल सकेगी।

दिलचस्प बात ये है कि इतने बड़े दावों के बावजूद मस्क खुद इस कार को टेस्ला की कमाई के लिहाज़ से ज़्यादा अहम नहीं मानते। 2023 में उन्होंने इसे “small potato situation” बताया था और कहा था कि कंपनी की फाइनेंशियल हालत पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

एनालिस्ट क्या सोचते हैं

एनालिस्ट्स की राय थोड़ी अलग है। उनका मानना है कि रोडस्टर टेस्ला के लिए अपनी इंजीनियरिंग का दम दिखाने और प्रीमियम ब्रांड इमेज मज़बूत करने का शानदार मौका है। मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट सेठ गोल्डस्टीन ने पिछले महीने एक नोट में लिखा था कि अभी टेस्ला के पास कोई “हेलो कार” नहीं है, यानी ऐसी हाई-परफॉर्मेंस लग्ज़री गाड़ी जो कंपनी की टेक्नोलॉजी का शोकेस बन सके। उनके मुताबिक रोडस्टर ये कमी पूरी करेगी। गोल्डस्टीन का अंदाज़ा है कि टेस्ला हर साल करीब 2,000 रोडस्टर बेच पाएगी, जो पिछले साल बिकी 16 लाख गाड़ियों के सामने बहुत छोटा आंकड़ा है।

स्पोर्ट्स कार से AI और रोबोटिक्स तक का सफर

2008 में लॉन्च हुई और 2012 तक बिकी पहली रोडस्टर टेस्ला की पहली इलेक्ट्रिक कार थी। ये लोटस एलीस (Lotus Elise) के चेसिस पर बनी थी और इसी ने लोगों की ये सोच बदलने में मदद की कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां परफॉर्मेंस में भी दमदार हो सकती हैं। इसके बाद कंपनी ने मॉडल S, मॉडल 3, मॉडल X और मॉडल Y जैसी गाड़ियां उतारीं।

अब रोडस्टर ऐसे वक्त में आई है जब टेस्ला का फोकस सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर नहीं रहा, बल्कि AI, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रोबोटिक्स पर भी तेज़ी से बढ़ रहा है। इस साल कंपनी ने मॉडल S और मॉडल X की बिक्री बंद कर दी, ताकि अपने ‘ऑप्टिमस’ (Optimus) ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए प्रोडक्शन कैपेसिटी खाली हो सके। साथ ही ‘साइबरकैब’ (Cybercab) भी पेश की गई है, जो दो सीटों वाली रोबोटैक्सी है और जिसमें नॉर्मल मैनुअल ड्राइविंग कंट्रोल ही नहीं हैं।

यानी रोडस्टर की वापसी उस दौर में हो रही है जब टेस्ला पुराने EV बिज़नेस से आगे निकलकर अपनी टेक्नोलॉजी वाली बड़ी सोच दुनिया को दिखाना चाहती है।