September 15, 2026

सपा के खिलाफ AI वीडियो बनाने पर कानूनी शिकंजा: ‘याद रखेगा यूपी’ अकाउंट पर लखनऊ कोर्ट सख्त, पुलिस को दिए जांच के आदेश

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समाजवादी पार्टी (सपा) के खिलाफ सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भ्रामक वीडियो बनाकर छवि धूमिल करने के मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। लखनऊ की एक अदालत ने सपा अधिवक्ता सभा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को ‘याद रखेगा यूपी’ नाम के सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

करीब 1000 AI वीडियो से छवि बिगाड़ने का आरोप

सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल के अनुसार, ‘याद रखेगा यूपी’ नाम से चलाए जा रहे इस अकाउंट के जरिए पार्टी के खिलाफ भ्रामक और मानहानिकारक कंटेंट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस हैंडल से अब तक करीब 1,000 ऐसे वीडियो प्रसारित किए जा चुके हैं। अधिवक्ता सभा के पदाधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों से मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और अन्य प्लेटफॉर्मों से इन अकाउंट्स को ब्लॉक करने और आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की मांग कर रहे हैं।

प्लेटफॉर्म और पुलिस से कार्रवाई न मिलने पर पहुंचे कोर्ट

कृष्ण कन्हैया पाल ने बताया कि आईटी एक्ट 2021 के प्रावधानों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों के ग्रिवांस ऑफिसर्स से भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यूट्यूब ने इसे अपने प्लेटफॉर्म से शेयर न किए जाने की बात कही, जबकि मेटा की ओर से भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

सपा नेताओं का आरोप है कि स्थानीय पुलिस के पास जाने के बावजूद जब मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो सपा अधिवक्ता सभा के लखनऊ जिलाध्यक्ष एवं लखनऊ बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अंजनी यादव ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 सितंबर को पुलिस को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

अकाउंट्स पर हो सख्त कार्रवाई

 कृष्ण कन्हैया पाल ने कहा कि पार्टी संविधान और न्याय व्यवस्था में पूरा विश्वास रखती है और हर मोर्चे पर कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के सोशल मीडिया हैंडल्स को अंडरकवर तरीके से संचालित किया जा रहा है ताकि राजनीतिक नुकसान पहुंचाया जा सके, जिस पर सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।