राजस्थान निकाय चुनाव में BJP 163 पर, कांग्रेस 103; 21 सितंबर को मेयर की लड़ाई
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। मतगणना के सामने आए आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए 163 निकायों में जीत दर्ज की है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 103 सीटों पर सिमट गई है, जबकि 43 निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।
राज्य भर के 309 नगरीय निकायों—जिनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 200 से अधिक नगरपालिकाएं शामिल हैं—के 10,167 वार्डों के लिए दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को मतदान संपन्न हुआ था। पहले चरण में 162 निकायों में 76.41 प्रतिशत और दूसरे चरण में 147 निकायों में 71.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों चरणों को मिलाकर कुल 74.05 फीसदी मतदान हुआ था। गौरतलब है कि 77 उम्मीदवार (जिनमें 37 महिलाएं शामिल हैं) पहले ही निर्विरोध पार्षद चुने जा चुके थे।
हॉर्स ट्रेडिंग और बाड़ेबंदी का डर, 21 सितंबर को असली इम्तिहान
पार्षद स्तर के चुनाव परिणाम आने के बाद अब असली सियासी खींचतान शुरू हो गई है। आगामी 21 सितंबर को नगर निगमों में मेयर, नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं में चेयरमैन पद के लिए चुनाव होना है।
क्रॉस-वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग के अंदेशे को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल सतर्क हो गए हैं। जोड़-तोड़ से बचने के लिए राजनीतिक दलों ने अपने-अपने दावेदारों और नवनिर्वाचित पार्षदों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। कई प्रत्याशियों को जयपुर, अजमेर और पुष्कर के होटल-रिसॉर्ट्स में ठहराया गया है। 43 निकायों में निर्दलीय पार्षदों की जीत के चलते कई नगरपालिकाओं में चेयरमैन पद का समीकरण निर्दलीयों के रुख पर निर्भर करेगा।
मंत्री मदन दिलावर के भाई अटरू चेयरमैन की रेस में सबसे आगे
बारां जिले की अटरू नगर पालिका के वार्ड नंबर 5 से राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के छोटे भाई कृष्ण मुरारी दिलावर ने जीत दर्ज की है। भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे कृष्ण मुरारी दिलावर की जीत के बाद अटरू पालिका के चेयरमैन पद का समीकरण गरमा गया है। स्थानीय स्तर पर उन्हें चेयरमैन पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। नतीजे घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया।
मतगणना केंद्रों पर थ्री-लेयर सुरक्षा
मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए। मतगणना केंद्रों पर पुलिस की थ्री-लेयर सिक्योरिटी तैनात रही। निर्वाचन रिटर्निंग ऑफिसर रामकरण सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह टेबल सिस्टम व ईवीएम व्यवस्था का जायजा लिया, जिसके बाद सुबह 8 बजे से ईवीएम खोलकर मतों की गणना शुरू की गई।
