September 22, 2026

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज: ‘सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसा है, तो छात्राओं के हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?’

Rahul-Gandhi

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीये जलाने के अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने एक छात्रा द्वारा पूछे गए सवाल का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि यदि उसके पास दीये जलाने के लिए पैसे हैं, तो छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने के लिए फंड क्यों नहीं है।

‘किराए की चिंता और बेघर होने के डर में पढ़ाई’

कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस मुद्दे को विस्तार से उठाया। उन्होंने लिखा, “सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसा है, हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं? यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।”

उन्होंने ग्रामीण पृष्ठभूमि से शहर आकर पढ़ने वाली छात्राओं की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि हॉस्टल न होने के कारण लड़कियों को पेइंग गेस्ट (PG) में रहना पड़ता है। केवल सुरक्षित रहने के लिए ही इन छात्राओं के लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता और बेघर होने के डर के बीच उन्हें अपनी पढ़ाई करनी पड़ती है।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा आवास भत्ता

कांग्रेस नेता ने कहा कि रहने की उचित जगह और सुविधाओं के अभाव में कई लड़कियां बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। उन्होंने आवास भत्ते की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह भत्ता महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ता है और ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। अपनी पोस्ट के अंत में राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए पूछा, “पीएम नरेंद्र मोदी जी, उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?”

‘व्यवस्था छात्रों की आवाज दबा रही है’

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को दबा रही है और उनके भविष्य को चुनौती दे रही है।

छात्रों के स्वभाव का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि युवा प्राकृतिक रूप से जिज्ञासु होते हैं और उनका सबसे बड़ा गुण अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछना होता है। उन्होंने कहा कि छात्र नफरत नहीं करते, वे एक-दूसरे से प्यार और सम्मान के साथ पेश आते हैं। युवाओं के बगैर कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता।