प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर फिर उठे सवाल, हाथरस के युवक के बाद अब नोएडा की नाबालिग लड़की लापता
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन में मशहूर संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम (श्री हित राधा केली कुंज) को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हाथरस के एक युवक के लापता होने के मामले के बाद, अब नोएडा से एक नाबालिग लड़की के रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आया है। लगातार दो लापता मामलों के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्या है पूरा मामला? 15 अगस्त से लापता है बेटी
नोएडा निवासी उमेश सिंह अपनी लापता बेटी की तलाश में परिजनों के साथ वृंदावन पहुंचे हैं। पिता उमेश सिंह का दावा है कि:
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उनकी बेटी प्रेमानंद महाराज की बड़ी भक्त है।
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वह बीते 15 अगस्त को घर से यह कहकर निकली थी कि वह वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम जा रही है।
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इसके बाद से वह वापस घर नहीं लौटी है।
पिता ने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम के बाहर जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि उन्होंने खुद अपनी बेटी को आश्रम में नहीं देखा है, लेकिन उन्हें गहरी आशंका है कि उनकी बेटी वहीं हो सकती है।
परिजनों को सता रही अनहोनी की आशंका
परिजनों के मुताबिक, लड़की इससे पहले भी घर से आश्रम के लिए गई थी, लेकिन तब वह सुरक्षित वापस लौट आई थी। इस बार कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
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परिवार ने इस संबंध में नोएडा पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई है।
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पिता उमेश सिंह ने पुलिस और प्रशासन से अपनी बेटी को जल्द से जल्द तलाशने की मार्मिक अपील की है और किसी अनहोनी की आशंका जताई है।
लगातार दूसरा मामला: 3 महीने से लापता है हाथरस का अनुज
नोएडा की नाबालिग का यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रेमानंद महाराज के आश्रम से ही जुड़े हाथरस निवासी अनुज चौधरी के लापता होने का मामला पहले से गरमाया हुआ है।
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अनुज करीब तीन महीने से लापता है।
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हाल ही में उसके परिजनों ने भी आश्रम के बाहर पहुंचकर धरना दिया था और आश्रम प्रबंधन पर बेटे से मुलाकात न कराने के गंभीर आरोप लगाए थे।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल, नोएडा की युवती के प्रेमानंद महाराज के आश्रम में होने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। अब यह पुलिस की जांच पर निर्भर करता है कि वह यह स्पष्ट करे कि लड़की वृंदावन के इस आश्रम तक पहुंची थी या नहीं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने पुलिस और प्रशासन दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
