हनुमान चालीसा पढ़ते रहे कैप्टन स्मित, PM मोदी से बोले- मैं लाइफ के लिए लड़ रहा था

Captain Smit Machchhar

फ्लाई दुबई के कैप्टन स्मित माछर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात की और उनका हौसला बढ़ाया। उड़ान के दौरान हुए हमले के बावजूद यात्रियों की जान बचाने की उनकी कोशिशों की प्रधानमंत्री ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि लोग उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं और देश उनके स्वागत के लिए तैयार है।

दोनों की बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। इसमें स्मित ने बताया कि हमले के दौरान हालात कितने मुश्किल हो गए थे। उस वक्त को याद करते हुए वह भावुक हो गए।

गिर गए थे, लेकिन उठकर कुछ करना जरूरी था

स्मित ने बताया कि को-पायलट के हमले के बाद वह नीचे गिर पड़े थे। इसी दौरान विमान भी तेजी से नीचे जा रहा था। उन्हें समझ आ गया था कि अगर उन्होंने तुरंत कुछ नहीं किया, तो सबकी जान खतरे में पड़ सकती है।

करीब 17 साल से विमान उड़ा रहे स्मित के मन में उस समय यही बात थी कि किसी तरह उठकर आखिरी कोशिश करनी होगी। हमला जारी था, लेकिन वह बाकी लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते थे।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हालात संभालने में दूसरे लोगों की भूमिका उतनी ही अहम थी। मुश्किल घड़ी में वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। स्मित ने बताया कि वह रोज सुबह इसका पाठ करते हैं और विदेश में रहने के बावजूद अपनी संस्कृति और देश से जुड़े हुए हैं।

कभी नहीं सोचा था कि…

स्मित ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री खुद उनसे बात करेंगे। इस फोन से उनका हौसला बढ़ा और उन्हें गर्व महसूस हुआ। घटना को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस पल वह अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे थे।

उन्हें भावुक देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भावुक होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्मित की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि देश और दुनिया के लोग उनसे मिलना और बात करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि वह स्मित की मां और पत्नी से भी बात कर चुके हैं। उन्होंने दोनों के साहस की तारीफ की। हनुमान चालीसा का जिक्र आने पर उन्होंने गीता बेन को प्रणाम भी कहा।

जल्द ठीक होने की कामना, मदद का भरोसा दिया

प्रधानमंत्री ने स्मित से कहा कि लोग उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए दुआ और प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और जरूरत पड़ने पर फोन पर उपलब्ध रहने का भरोसा दिया।

मोदी ने सऊदी सरकार का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्मित ने धैर्य और सूझबूझ से बेहद कम समय में फैसला लिया और कई लोगों की जान बचाई।

दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुआ था हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना फ्लाई दुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

उड़ान के दौरान आपात संदेश भेजे गए। करीब 34,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ रहा विमान तेजी से 17,000 फुट से ज्यादा नीचे आ गया। इसके बाद उसे सऊदी अरब के तबूक शहर में स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाईअड्डे पर इमरजेंसी में उतारा गया।

यात्रियों के मुताबिक, कैप्टन खून से लथपथ थे। को-पायलट पर उन पर चाकू से हमला करने का आरोप है। हमले की वजह की जांच की जा रही है। एक इजराइली यात्री ने बताया कि एक यात्री और चालक दल के एक सदस्य ने कॉकपिट में जाकर हमलावर को काबू करने में मदद की।