ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी: लूला दा सिल्वा और फ्लावियो बोल्सोनारो में सीधा मुकाबला, समझिए 50% वोट और ‘रनऑफ’ का पूरा गणित
लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। इस बार मुख्य मुकाबला वर्तमान राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच सिमटता नजर आ रहा है। वामपंथी वर्कर्स पार्टी के दिग्गज नेता लूला चौथी बार राष्ट्रपति बनने की दौड़ में हैं, वहीं रूढ़िवादी लिबरल पार्टी से मैदान में उतरे फ्लावियो अपने पिता की राजनीतिक जमीन को आगे बढ़ाने के प्रयास में हैं।
भारत की संसदीय व अप्रत्यक्ष चुनावी प्रक्रिया से इतर ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के मतों से होता है, जिसके नियम और समीकरण बेहद सख्त हैं।
50 प्रतिशत से ज्यादा वोट की शर्त
ब्राजील के चुनावी कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति बनने के लिए साधारण बहुमत काफी नहीं होता। विजेता बनने के लिए कुल वैध मतों का 50 प्रतिशत से अधिक हासिल करना जरूरी है। चुनाव दो चरणों में कराया जाता है। पहले चरण में मैदान में उतरे सभी उम्मीदवारों को मिले वोटों की गिनती की जाती है। यदि कोई प्रत्याशी पहले ही दौर में 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर लेता है, तो उसे उसी समय विजेता घोषित कर दिया जाता है।
पहले दौर में ही इस आंकड़े को पार करना बेहद कठिन माना जाता है। चुनावी इतिहास में 1990 के दशक में फर्नांडो हेनरिक कार्डोसो ऐसे नेता रहे, जिन्होंने दो बार पहले ही चरण में 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर सीधे जीत दर्ज की थी।
क्या है ‘रनऑफ’ (Run-off) मुकाबला?
यदि पहले चरण में कोई भी प्रत्याशी 50 प्रतिशत का जादुई आंकड़ा नहीं छू पाता, तो ‘रनऑफ’ की व्यवस्था लागू होती है। इसके तहत सबसे अधिक वोट पाने वाले शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे चरण का सीधा मुकाबला कराया जाता है। बाकी सभी प्रत्याशी दौड़ से बाहर हो जाते हैं। दूसरे चरण में जिसे अधिक वोट मिलते हैं, वही देश की सत्ता संभालता है।
18 से 70 साल के नागरिकों के लिए अनिवार्य वोटिंग
ब्राजील की चुनावी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मतदान करना नागरिक की मर्जी पर निर्भर नहीं है। देश के 18 से 70 वर्ष की आयु वाले सभी साक्षर नागरिकों के लिए मतदान करना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील में 15.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। जो मतदाता बिना किसी ठोस कानूनी कारण के वोट डालने नहीं पहुंचते, उन पर प्रशासन द्वारा मामूली जुर्माना लगाया जाता है।
दशकों से इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से मतदान
ब्राजील में मतदान की पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के जरिए कराई जाती है। देश में लंबे समय से इन्हीं मशीनों पर चुनाव कराने की परंपरा है। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने चुनावी मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए बिना किसी पुख्ता सबूत के इनसे छेड़छाड़ की आशंका जताई थी। तमाम बहसों के बावजूद चुनाव आयोग इन्हीं मशीनों के जरिए मतदान प्रक्रिया पूरी करता है।
