नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की जमानत के खिलाफ SC पहुंची बंगाल सरकार
पश्चिम बंगाल की बहुचर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (Nandigram Bypoll) से पहले कानूनी और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को चुनाव प्रचार के लिए दी गई अंतरिम जमानत के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
सॉलिसिटर जनरल की दलील और चीफ जस्टिस की तल्ख टिप्पणी
राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की सुनवाई गुरुवार को ही करने का अनुरोध किया था। उन्होंने दलील दी कि मिलन प्रधान को हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने केवल चुनाव लड़ने के नाम पर उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। इसलिए इस पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए।
सॉलिसिटर जनरल के अनुरोध पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस ने कहा, “कल (गुरुवार) कई मामले सुनवाई के लिए पहले से लगे हुए हैं। हम आपको आश्वस्त कर सकते हैं कि आपकी याचिका खारिज होने लायक है, लेकिन हम यह कल नहीं, बल्कि सोमवार को करेंगे।” अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली है 20 अक्टूबर तक की मोहलत
इससे पहले मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने मिलन प्रधान को राहत देते हुए 20 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की थी। अदालत ने उन्हें 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार करने की अनुमति दी है। साथ ही, हाई कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया है कि प्रधान को अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद 21 अक्टूबर को संबंधित निचली अदालत में सरेंडर करना होगा।
क्या हैं मिलन प्रधान पर आरोप?
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के खिलाफ साल 2007 में नंदीग्राम में हुए ऐतिहासिक भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उन पर हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगे हुए हैं।
उपचुनाव के सियासी समीकरण और टीएमसी का समर्थन
नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया।
बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की टाइमिंग इसलिए भी अहम है क्योंकि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि नंदीग्राम सीट पर उनका गुट कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा। इस ऐलान के कुछ घंटों बाद ही प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिससे राज्य का सियासी पारा काफी चढ़ गया है।
