September 15, 2026

माया बोलीं- वह अपने नहीं, बल्कि अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से कर रहे हैं काम’

mayawati

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के आतंरिक घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अहम बयान दिए। उन्होंने भतीजे आकाश आनंद पर निशाना साधते हुए पार्टी संगठन में बड़े बदलावों की घोषणा की और हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की सफलता पर भी अपनी राय रखी।

आकाश आनंद की फोन कॉल और स्वास्थ्य को लेकर फैली अफवाहें

मायावती ने स्पष्ट किया कि हाल में लिए गए कड़े फैसलों से पार्टी को फायदा ही हुआ है। उन्होंने अपनी बीमारी की अफवाहों का कड़ा खंडन करते हुए आकाश आनंद की मंशा पर सवाल उठाए:

  • स्वास्थ्य पर भ्रम: पार्टी से निकाले गए कुछ लोगों ने कार्यकर्ताओं के बीच यह झूठा भ्रम फैलाया है कि मायावती बीमार चल रही हैं।

  • रात 10 बजे का फोन: शनिवार रात 10:04 बजे आकाश आनंद ने पार्टी इंचार्ज आलोक कुमार को फोन कर मायावती के स्वास्थ्य के बारे में पूछा और कथित तौर पर कहा कि “यह बात बहनजी को मत बताना।”

  • दूसरों के इशारे पर काम: बसपा चीफ ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आकाश आनंद अपने दिमाग से नहीं, बल्कि अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से काम कर रहे हैं।

बसपा संगठन में बड़ा फेरबदल: अब 3 सेक्टर में बंटा काम

मायावती ने 3 सितंबर को हुई लंबी बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए संगठन को युद्ध स्तर पर मजबूत करने की रणनीति साझा की:

  • तीन सेक्टरों में विभाजन: संगठन को तीन सेक्टरों में बांटा गया है। पहले सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है, जिसकी कमान सीधे मायावती के दिशा-निर्देश में होगी।

  • अहम पद हुआ खत्म: मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है।

  • आनंद कुमार को रिपोर्टिंग: संबंधित सेक्टरों के प्रभारी अब दिल्ली जाकर अपनी रिपोर्ट देंगे और पार्टी के उपाध्यक्ष आनंद कुमार (मायावती के भाई) कामकाज की प्रगति रिपोर्ट लेकर सीधे बसपा प्रमुख को सौंपेंगे।

ब्रिक्स के ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ की सराहना

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर बोलते हुए मायावती ने ब्रिक्स समिट 2026 में 140 पैराग्राफ वाले ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से अपनाए जाने को भारत की एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि करार दिया।

  • फिलिस्तीन मुद्दा: घोषणापत्र में 1967 की सीमाओं पर आधारित स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र और ‘दो-देश समाधान’ (Two-State Solution) के समर्थन को उन्होंने अहम माना।

  • आतंकवाद पर प्रहार: पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और आतंकवाद से निपटने की प्रतिबद्धता को भारत के दृष्टिकोण की जीत बताया।

  • भारत-चीन सीमा विवाद: उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा का मुद्दा जितनी जल्दी हल हो जाए, वह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए उतना ही अच्छा होगा।