September 15, 2026

जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स की भूख हड़ताल, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

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जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न का विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और डेंटल कॉलेजों के इंटर्न पिछले 7 दिनों से बढ़े हुए मासिक स्टाइपेंड की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। सरकार के साथ कई दौर की उच्चस्तरीय बातचीत के बावजूद अब तक कोई औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते प्रदर्शनकारी इंटर्न ने 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

7 दिन के प्रदर्शन के बाद भूख हड़ताल

प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और दो डेंटल कॉलेजों के इंटर्न स्टाइपेंड संशोधन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। करीब एक सप्ताह से चल रही इस हड़ताल के बाद भी प्रशासन और इंटर्न के बीच कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार बैठकों और आश्वासनों के बावजूद लिखित कार्यकारी आदेश जारी करने में देरी की जा रही है, जिससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

क्या हैं मेडिकल इंटर्न की प्रमुख मांगें?

  • मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी: इंटर्न की सबसे मुख्य मांग स्टाइपेंड राशि को बढ़ाना है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें केवल 12,300 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं, और यह राशि पिछले 7 वर्षों से नहीं बदली गई है।

  • सिफारिशों का क्रियान्वयन: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखकर इस स्टाइपेंड को देश में सबसे कम बताया है। सक्षम समिति की ओर से इस संबंध में पहले ही सिफारिश की जा चुकी है, जिसे तुरंत लागू करने की मांग की जा रही है।

मौखिक आश्वासनों से इंटर्न्स का इनकार

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले करीब 3 साल से इस मामले में इंतजार कर रहे हैं। 2023 में ही स्टाइपेंड बढ़ाने की सिफारिश कर दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक लालफीताशाही के कारण अब तक आदेश नहीं आए। इंटर्न्स का आरोप है कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन दिए जा रहे हैं और कॉलेज प्रशासनों द्वारा उन्हें ड्यूटी पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे वे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह मामला इस स्तर तक नहीं पहुंचना चाहिए था। यह स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा विषय है और बिना उनके निर्णय के अन्य विभाग इसमें कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने इंटर्न्स से बातचीत की है और उन्हें आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मसले का जल्द से जल्द समाधान निकाले जाने की बात कही है।