September 15, 2026

यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य ठिकाने पर दागे ड्रोन और मिसाइलें

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पश्चिम एशिया (मिडिल-ईस्ट) में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच जारी सैन्य तनातनी के बीच अब यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के शरूराह में स्थित एक प्रमुख सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया है। हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों की मदद से सऊदी बेस के हथियारों के डिपो और कमांड-एंड-कंट्रोल रूम को सटीक रूप से ध्वस्त कर दिया है।

हूती सैन्य प्रवक्ता का दावा: ‘सऊदी आक्रामकता का दिया जवाब’

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। सारी ने इस कार्रवाई को यमन के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य आक्रामकता का जवाब बताते हुए चेतावनी दी कि यदि हमले बंद नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में सऊदी अरब के अंदरूनी और रणनीतिक इलाकों पर इससे भी ज्यादा घातक प्रहार किए जाएंगे।

जीजान में रिहायशी इलाके प्रभावित, 2 लोग घायल

सऊदी नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) अधिकारियों ने भी हमले से हुए नुकसान की पुष्टि की है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, यमन की ओर से दागे गए एक प्रोजेक्टाइल के जीजान में गिरने से 2 नागरिक घायल हो गए हैं। इस हमले के चलते एक स्थानीय मस्जिद, कई रिहायशी मकानों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

लाल सागर और मोखा एयरपोर्ट पर टकराव तेज

इससे पहले लाल सागर के रणनीतिक प्रवेश द्वार बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में स्थित मयून आइलैंड पर हूतियों ने नियंत्रण स्थापित कर लिया था। मोखा बंदरगाह शहर की तरफ हूतियों की बढ़ती गतिविधियों के जवाब में सऊदी अरब ने मोखा एयरपोर्ट पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे।

हूतियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल-गैस टैंकरों के मुख्य समुद्री मार्ग पर दबाव बनाकर वे वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करना चाहते हैं, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाया जा सके। लगातार होते इन हमलों ने पूरे अरब प्रायद्वीप में व्यापक युद्ध की आशंकाओं को गहरा कर दिया है।