September 15, 2026

BRICS Summit 2026: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने छुए जगद्गुरु सतीशाचार्य के पैर

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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक चर्चाओं के बीच एक बेहद भावुक और सांस्कृतिक सौहार्द की तस्वीर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भारतीय संस्कृति और परंपरा का सम्मान करते हुए जगद्गुरु सतीशाचार्य के पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं।

आध्यात्मिक संवाद और पैर छूकर लिया आशीर्वाद

ब्रिक्स सम्मेलन के सिलसिले में भारत पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच धर्मगुरुओं, प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इसी क्रम में आयोजित एक विशेष संवाद सत्र के दौरान पेजेश्कियान की मुलाकात जगद्गुरु सतीशाचार्य से हुई।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बातचीत के बाद ईरानी राष्ट्रपति ने आदरपूर्वक झुककर जगद्गुरु के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर धर्म संसद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर गोस्वामी सुशील जी महाराज और पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद थे।

‘सनातन धर्म पूरी दुनिया को देता है मानवता का संदेश’

इस संवाद के दौरान धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों की वैश्विक प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा हुई। जगद्गुरु सतीशाचार्य ने सनातन संस्कृति की व्यापकता को रेखांकित करते हुए कहा, “सनातन पूरी दुनिया को मानवता का संदेश देता है और पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखता है। सनातन धर्म इसलिए विश्व का सबसे पुरातन धर्म है क्योंकि यह किसी विशेष पंथ के बजाय केवल ‘धर्म की जय’ और ‘प्राणियों में सद्भावना’ की बात करता है—यानी जिसमें भी प्राण हैं, उन सभी के कल्याण की कामना करता है।”

वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सभी धर्मों और धार्मिक शिक्षाओं का मूल उद्देश्य मानवता की रक्षा करना और न्यायपूर्ण व्यवस्था की स्थापना करना है।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से भी की मुलाकात

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी पेजेश्कियान काफी सक्रिय रहे। उन्होंने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और मध्य पूर्व में उपजे तनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आधिकारिक मुलाकात मानी जा रही है।