सोने-चांदी में फिर बड़ी गिरावट, 2 दिन में गोल्ड ₹3,000 और सिल्वर ₹13,000 से ज्यादा टूटी

MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, गोल्ड-सिल्वर के ताजा वायदा भाव

Gold Silver Price Today: MCX पर सोना ₹1,42,443 और चांदी ₹1,94,847 प्रति किलोग्राम पर आई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को सोने और चांदी, दोनों में भारी बिकवाली देखी गई। 10 ग्राम सोने का वायदा भाव गिरकर 142443 रुपये और चांदी का भाव 194847 रुपये प्रति किलो रह गया। कारोबार की शुरुआत में ही चांदी 5000 रुपये से ज्यादा लुढ़क गई, जबकि सोना 860 रुपये प्रति 10 ग्राम कमजोर हुआ। पिछले दो दिनों में सोना 3000 रुपये से ज्यादा और चांदी 13000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है।

सोना और चांदी अब कितनी सस्ती हो चुकी हैं?

MCX के आंकड़ों के अनुसार सोना 29 जनवरी को 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था और तब से अब तक 50653 रुपये नीचे आ गया है। MCX पर चांदी का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये है, जिससे वह अब 225201 रुपये सस्ती है। अक्टूबर महीने में अब तक सोने में करीब 4 फीसदी और चांदी में करीब 12 फीसदी की गिरावट आई है, यानी चांदी में सोने की तुलना में ज्यादा कमजोरी रही है।

गुरुवार को बाजार में क्या हुआ था?

इससे एक दिन पहले, गुरुवार 22 अक्टूबर को भी दोनों धातुओं में तेज गिरावट आई थी। MCX पर चांदी का वायदा भाव 8,593 रुपये प्रति किलो गिरकर 2,00,575 रुपये पर आ गया, जो पिछले सात महीने का सबसे निचला स्तर रहा। उसी दिन सोना 2,300 रुपये प्रति 10 ग्राम टूटकर 1,43,600 रुपये पर पहुंच गया था।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने और दूसरी धातुओं के भाव कैसे हैं?

सिंगापुर में शुक्रवार सुबह 8:10 बजे स्पॉट गोल्ड 4,024.48 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर था। गुरुवार के सत्र में यह करीब 3 फीसदी गिरकर 20 जुलाई के बाद के सबसे निचले स्तर तक आ गया था। चांदी 0.1 फीसदी गिरकर 54.49 डॉलर प्रति औंस पर रही, प्लैटिनम में 0.2 फीसदी की कमी आई और पैलेडियम में कोई बदलाव नहीं हुआ।

सोना-चांदी में गिरावट की वजह क्या बताई जा रही है?

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट रही और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की कुछ अवधि की यील्ड 20 बेसिस पॉइंट तक फिसल गई, जो अगस्त 2025 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट थी। बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने बॉन्ड की तरफ रुख किया, जबकि सोने पर बिकवाली का दबाव बना रहा। Global X ETFs के विश्लेषक जस्टिन लिन के मुताबिक गिरावट की एक बड़ी वजह नकदी जुटाने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि बाजार में तेज गिरावट के वक्त निवेशक मार्जिन कॉल और पूंजी संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए सोने जैसे आसानी से बिकने वाले एसेट भी बेचते हैं। लिन के अनुसार सोने के लिए 3,900 डॉलर प्रति औंस का स्तर अहम है और बाजार की नजर इसी पर टिकी है।

मिडिल ईस्ट के हालात का कीमती धातुओं पर क्या असर है?

कीमती धातुओं की गिरावट के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दाम चढ़े हैं, जिससे महंगाई बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।