डूसू चुनाव में ABVP का दबदबा: अध्यक्ष बने यश डबास, 4 में से 3 पदों पर विद्यार्थी परिषद की जीत; उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय का उलटफेर
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित किया है। छात्र संघ के चार केंद्रीय पैनल पदों में से तीन पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। सबसे अहम अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास निर्वाचित हुए हैं।
नतीजों के ऐलान के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में जश्न का माहौल है और एबीवीपी कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मना रहे हैं।
अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत, NSUI को दी मात
अध्यक्ष पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में मतगणना के अंतिम दौर के बाद एबीवीपी के यश डबास को कुल 24,576 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रत्याशी विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया। मीणा को कुल 22,523 वोट प्राप्त हुए।
जीत के बाद यश डबास ने कहा कि यह परिणाम राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और संगठन की सामूहिक ताकत की जीत है। डबास ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी से लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी तक के छात्रों ने इस जीत के लिए मेहनत की है और चुनाव में एनएसयूआई का पूरी तरह सफाया हो गया है। उन्होंने दोहराया कि पिछली बार की तरह इस बार भी विद्यार्थी परिषद ने 3-1 के अनुपात से जीत हासिल की है।
हॉस्टल और पीजी का सेफ्टी ऑडिट पहली प्राथमिकता
नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने अपनी प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कैंपस में छात्रों की सुरक्षा को सबसे अहम मुद्दा बताया। उन्होंने सत्य निकेतन में हुए हालिया हादसे का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में किसी छात्र के साथ ऐसी अप्रिय घटना न हो, इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारी सबसे पहली प्राथमिकता हर कॉलेज, हॉस्टल और पीजी (पेइंग गेस्ट) का पुख्ता सेफ्टी ऑडिट कराना होगी।”
सचिव और संयुक्त सचिव पद भी ABVP के खाते में
केंद्रीय पैनल के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशियों ने परचम लहराया:
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सचिव पद: एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर जीत हासिल की।
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संयुक्त सचिव पद: संयुक्त सचिव के पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी लक्ष्यराज विजयी रहे।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी का बड़ा उलटफेर
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर उपाध्यक्ष पद पर देखने को मिला, जहां प्रमुख छात्र संगठनों को पीछे छोड़ते हुए निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने बड़ी जीत दर्ज की। दीपांशु शौकीन को कुल 30,634 वोट मिले।
शानदार जीत के बाद दीपांशु शौकीन ने कहा कि छात्रों ने उनके ऊपर जो भरोसा जताया था, वे उस पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने खुद उनका पूरा चुनाव अभियान चलाया और हर स्तर पर समर्थन दिया, जिससे यह जीत संभव हो सकी।
