गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद, धीरेंद्र शास्त्री ने VHP के बैन का किया समर्थन
महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि के दौरान गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा बैन लगाने की मांग ने सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब इस विवाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने वीएचपी (VHP) की इस मांग का खुलकर समर्थन किया है।
धीरेंद्र शास्त्री हाल ही में उद्योगपति मुकेश अंबानी के परिवार द्वारा आयोजित गणेश उत्सव (‘एंटीलिया चा राजा’) में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया।
‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम’
गरबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर बागेश्वर बाबा ने स्पष्ट कहा कि नवरात्रि पूरी तरह से सनातन धर्म का त्योहार है। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लाम में मूर्ति पूजा की मनाही है, ऐसे में मुसलमानों का इन कार्यक्रमों में कोई औचित्य नहीं है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “नवरात्रि का त्योहार आप सभी को मनाना चाहिए। यह सनातन का त्योहार है। इस्लाम धर्म में मूर्ति पूजन वर्जित है और हमारे यहां दुर्गा पूजा व गरबा उत्सव पूरी तरह से मूर्ति पूजन का त्योहार है। तो सीधी सी बात है— ‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है’।”
पीएम मोदी को दी 76वें जन्मदिन की बधाई
इस बातचीत के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, “मैं भारत के प्रधानमंत्री को उनके 76वें जन्मदिन पर दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। वे लंबी और खुशहाल जिंदगी जिएं और खुशी-खुशी देश का कामकाज संभालें, ताकि हम सभी भारतीय और हमारा भारत पूरी तरह सुरक्षित रहे।”
क्या है मुस्लिम बैन और VHP के दिशा-निर्देशों का पूरा विवाद?
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने हाल ही में महाराष्ट्र में गरबा आयोजकों से अपील की थी कि वे मुसलमानों को गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति न दें। वीएचपी का तर्क है कि गरबा कोई मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि देवी आराधना का पवित्र पर्व है।
इसको लेकर VHP ने आयोजकों को कुछ सख्त निर्देश भी जारी किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
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गरबा में हिस्सा लेने वालों की पहचान सुनिश्चित की जाए।
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प्रवेश से पहले सभी का आधार कार्ड (पहचान पत्र) चेक किया जाए।
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पंडाल में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के माथे पर तिलक लगाया जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध
वीएचपी की इस अपील और निर्देशों के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस फरमान का कड़ा विरोध किया है। वहीं, एनडीए (NDA) के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी वीएचपी की इस अपील से असहमति जताते हुए इसका विरोध किया है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कुछ अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं ने वीएचपी की इस मांग का समर्थन किया है, जिससे यह मुद्दा और गरमा गया है।
