दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरी, 1 की मौत; कई छात्रों के दबे होने की आशंका
राजधानी दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन इलाके में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहां छात्रों का हब कहे जाने वाले इस क्षेत्र में एक बहुमंजिला पुरानी इमारत अचानक ढह गई। इस दुर्घटना में एक शख्स की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 से अधिक गंभीर रूप से घायल छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे कई अन्य छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
बेसमेंट में चल रहा था निर्माण कार्य स्थानीय नागरिकों और चश्मदीदों के अनुसार, यह इमारत काफी पुरानी थी और इसके बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य (खुदाई) चल रहा था, जिसके चलते भवन की नींव कमजोर हो गई थी और यह भरभरा कर गिर पड़ी। सत्य निकेतन को छात्रों का प्रमुख हब माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में पीजी (PG) संचालित होते हैं। हादसे के बाद आसपास के अन्य पीजी और इमारतों को एहतियात के तौर पर तुरंत खाली करा लिया गया है।
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। मौके पर राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालते हुए प्रमुख एजेंसियां जुटी हुई हैं:
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एजेंसियां: एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए (DDMA), एमसीडी (MCD) और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर तैनात हैं।
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अस्पताल: घायलों और पीड़ितों के लिए घटनास्थल पर 17 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। घायलों को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
नेताओं और प्रशासन की प्रतिक्रिया
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाना है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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स्थानीय सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी: बीजेपी सांसद ने बताया कि सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी: आतिशी ने घटना पर चिंता जताते हुए प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन द्वारा मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द यह स्पष्ट हो सके कि अंदर कितने लोग फंसे हुए थे।
