आंध्र प्रदेश तट से टकराया अत्यंत भीषण चक्रवात ‘अर्नब’, 135 किमी की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा में भी भारी तबाही

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अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात का केंद्र तट के बहुत करीब बना हुआ है और इसका उत्तरी हिस्सा (स्पाइरल बैंड) जमीन के अंदर प्रवेश कर चुका है। तट से टकराने की यह प्रक्रिया लगातार जारी है। चक्रवात के प्रभाव से तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 135 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बड़े पैमाने पर तैयारियां

तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 4,000 चक्रवात आश्रय स्थल (साइक्लोन शेल्टर) बनाए गए हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

  • आंध्र प्रदेश सरकार ने 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं।

  • प्रभावित इलाकों में 1,087 मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है।

  • राहत कार्यों के लिए 8,281 इमरजेंसी बेड और 1,274 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।

आंध्र प्रदेश में गृह मंत्री ने किया दौरा, कई जिलों में भारी बारिश

चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने एस. रायावरम मंडल के चिनागुम्मुलुरु गांव में स्थानीय निवासियों से बातचीत की और राहत शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों में सुबह से ही भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी दिख रहा असर

चक्रवात अर्नब का प्रभाव ओडिशा में भी देखने को मिल रहा है, जहां कई जगहों पर पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हो गई हैं। ओडिशा अग्निशमन विभाग की टीमें रास्तों को साफ करने में जुटी हुई हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के ओल्ड दीघा बीच पर भी चक्रवात के असर से तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं।