‘यह आपका समय है, आपका मौका है’: चेन्नई में युवाओं से बोले पीएम मोदी, 2036 ओलंपिक और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (11 अक्टूबर, 2026) को चेन्नई में छात्रों को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं की क्षमता और ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के विजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा निडर है और वह भारत के विकास की ताकत बनना चाहता है।

चेन्नई स्थित ‘जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल’ के स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व आज समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है और देश के युवाओं के पास वे समाधान देने की क्षमता है।

‘छोटे-छोटे योगदान से आ सकता है बड़ा बदलाव’

प्रधानमंत्री ने 50 साल पूरे करने पर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को बधाई दी। उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए गिरिजा अम्मा के उस उदाहरण को याद किया, जिसमें उन्होंने बच्चों को रोज सिर्फ 1 रुपया बचाकर देश के सैनिकों को समर्पित करने का आइडिया दिया था।

पीएम ने बताया कि जब हजारों बच्चे इस संकल्प से जुड़े, तो करीब 40 लाख रुपये जुटा लिए गए। उन्होंने कहा, “यह एक प्रेरक उदाहरण है कि छोटे-छोटे योगदान से कितना बड़ा बदलाव आ सकता है। मुश्किल समय में मदद करना और सफाई अभियान जैसे सेवा के मूल्य इस विद्यालय की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं।”

पुतिन को थिरुक्कुरल गिफ्ट करने का जिक्र

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने तमिल संस्कृति और साहित्य की महानता पर भी बात की। उन्होंने बताया, “हाल ही में मैंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘थिरुक्कुरल’ (Thirukkural) का रूसी संस्करण गिफ्ट किया था। तिरुवल्लुवर जी का यह ग्रंथ जीवन भर सीखते रहने वालों के लिए एक अनूठी गाइड है। हमें उनकी उस सीख को जीवन में उतारना चाहिए जिसमें कहा गया है कि केवल कुछ नया सीखना काफी नहीं है, बल्कि उसे अमल में भी लाना चाहिए।”

‘देश का एजुकेशन लैंडस्केप बदल रहा है’

शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में देश में करीब 750 यूनिवर्सिटीज थीं, जिनकी संख्या अब 1,300 से ज्यादा हो गई है। इसी तरह कॉलेजों की संख्या 38,000 से बढ़कर 52,000 के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में देश में नए IIT, IIM और AIIMS खोले गए हैं, जिससे युवाओं को बेहतर शिक्षा मिल रही है।

2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक का सपना

प्रधानमंत्री ने खेलों में भारत की बढ़ती भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के लिए खेलों की नई सुविधाएं बन रही हैं और बेहतर ट्रेनिंग व सपोर्ट दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ने भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं को सामने रखते हुए कहा, “आज अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत का कद लगातार बढ़ रहा है। भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना लेकर भी मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।”