जेडीयू विधायक अनंत सिंह की बगावत, नीरज कुमार के खिलाफ उतरे मैदान में
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले आगामी चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। नवंबर में समाप्त हो रहे कार्यकाल के बीच मोकामा के कद्दावर जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और निवर्तमान एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक अभिभावक मानने वाले अनंत सिंह के इस कदम से सत्तारूढ़ दल के भीतर हलचल तेज हो गई है।
नीरज कुमार के खिलाफ क्यों उतरे अनंत सिंह? बाढ़ के बेढना क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता डॉ. अनुज कुमार के पक्ष में खड़ी होगी। जब उनसे पूछा गया कि वे अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने दो-टूक कहा कि जो व्यक्ति संकट के समय साथ नहीं देता, उसके साथ खड़े रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके समर्थक डॉ. अनुज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे।
पुरानी राजनीतिक दुश्मनी और वर्चस्व की लड़ाई दोनों नेताओं के बीच की यह तल्खी नई नहीं है। मोकामा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चली आ रही है:
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2015 का चुनाव: वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में जब जेडीयू ने नीरज कुमार को टिकट दिया था, तब अनंत सिंह ने निर्दलीय मैदान में उतरकर उन्हें भारी अंतर से मात दी थी।
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गुटीय विवाद: बाद के दिनों में जेल प्रवास के दौरान टिकट की दावेदारी और स्थानीय राजनीति में विरोधी गुटों को बढ़ावा मिलने के कारण दोनों के रिश्ते और ज्यादा खराब हो गए।
कौन हैं डॉ. अनुज कुमार? अनंत सिंह जिस डॉ. अनुज कुमार का समर्थन कर रहे हैं, वे उच्च शिक्षित पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं। भूगोल विषय में पीएचडी धारक डॉ. अनुज निजी विद्यालय संचालित करते हैं और पूर्व में जन सुराज अभियान से जुड़े रहकर नवादा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। स्थानीय प्रभाव और अनंत सिंह का मजबूत समर्थन मिलने के कारण पटना स्नातक सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक और त्रिकोणीय हो गया है।
नवंबर में खाली हो रही हैं आठ सीटें बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके लिए चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं और सरकार में मंत्री भी रहे हैं। हालांकि, अपनी ही पार्टी के कद्दावर विधायक की इस बगावत ने जेडीयू के लिए इस सीट पर राह बेहद मुश्किल कर दी है।
